जनहित के मामलों में लापरवाही पर कलेक्टर सख्त, ई-ऑफिस और आयुष्मान कार्ड निर्माण में तेजी के निर्देश

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सुकमा। जिला कलेक्टर अमित कुमार ने साप्ताहिक समय-सीमा बैठक में जनसरोकार से जुड़े लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि नागरिकों की समस्याओं के निराकरण में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि शिकायतों का समाधान केवल कागजी प्रक्रिया तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि आवेदक की वास्तविक संतुष्टि के अनुरूप होना जरूरी है। कलेक्टर ने सभी विभागों में ई-ऑफिस प्रणाली को अनिवार्य रूप से लागू करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि फाइलों की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होने से कार्यालयीन कामकाज में तेजी आएगी, पारदर्शिता बढ़ेगी और अनावश्यक देरी पर रोक लगेगी। इसके अलावा आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूलों और सुशासन तिहार से संबंधित निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।

बैठक में सीएम हेल्पलाइन, मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर जनदर्शन और पीजीएन पोर्टल पर लंबित मामलों की विभागवार समीक्षा की गई। अधिक पेंडेंसी वाले विभागों से जवाब-तलब करते हुए मामलों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण और नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया। स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए छिंदगढ़ विकासखंड की तर्ज पर सुकमा और कोंटा विकासखंड में भी विशेष अभियान चलाकर पात्र लोगों के शत-प्रतिशत आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने अधिकारियों को अभियान को प्राथमिकता के साथ संचालित करने को कहा।

वर्षाकाल को देखते हुए विद्युत, स्वास्थ्य, शिक्षा, पंचायत और ग्रामीण विकास विभागों को मैदानी स्तर पर सक्रिय रहने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही डिजिटल क्रॉप सर्वे के कार्य में तेजी लाने को कहा गया, ताकि किसानों को शासन की योजनाओं और सुविधाओं का लाभ समय पर मिल सके। कलेक्टर अमित कुमार ने अधिकारियों से संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचे और प्रशासन के प्रति लोगों का विश्वास लगातार मजबूत हो। बैठक में जिला पंचायत सीईओ मुकुन्द ठाकुर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।