कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर मंथन, युवाओं और किसानों की समस्याएं उठीं

Follow Us

रायपुर। नई दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में आयोजित कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में केंद्र सरकार की नीतियों और देश से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में पेपर लीक, बेरोजगारी, कृषि एवं ऊर्जा सुरक्षा, ई-20 पेट्रोल, चीन सीमा और अयोध्या चंदे सहित विभिन्न विषयों को लेकर कांग्रेस नेताओं ने अपनी बात रखी। इन मुद्दों को छत्तीसगढ़ के युवाओं और किसानों से भी जोड़कर देखा गया। कांग्रेस नेताओं ने प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर चिंता जताई। पार्टी का कहना है कि परीक्षा की तैयारी में वर्षों मेहनत करने वाले युवाओं को पेपर लीक जैसी घटनाओं से सबसे अधिक नुकसान उठाना पड़ता है। छत्तीसगढ़ में भी पीएससी, व्यापमं और अन्य भर्ती परीक्षाओं को लेकर समय-समय पर विवाद सामने आते रहे हैं।


Read more :- राजीव गांधी जी की जयंती पर सादर नमन


बैठक में राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ अभियान का उल्लेख करते हुए शिक्षा व्यवस्था में निजीकरण और केंद्रीकरण को लेकर भी सवाल उठाए गए। कांग्रेस ने युवाओं के लिए पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और बेहतर रोजगार अवसर उपलब्ध कराने की जरूरत पर जोर दिया। ई-20 पेट्रोल को लेकर कांग्रेस कार्यसमिति ने माइलेज में संभावित कमी, पुराने वाहनों की अनुकूलता और उपभोक्ताओं के विकल्पों जैसे मुद्दे उठाए। पार्टी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कृषि और ग्रामीण परिवहन का महत्व देखते हुए ईंधन नीति का असर किसानों और आम उपभोक्ताओं पर भी पड़ सकता है। गन्ने और मक्के जैसी फसलों के ईंधन उत्पादन में उपयोग से खाद्य सुरक्षा और पर्यावरण पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों पर भी चर्चा हुई।

कृषि और ऊर्जा सुरक्षा के मुद्दे पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसानों की आय, फसलों की मांग और खाद्य सुरक्षा को ध्यान में रखकर नीतियां बनाई जानी चाहिए। पार्टी ने दावा किया कि कृषि क्षेत्र से जुड़े फैसलों का सीधा प्रभाव छत्तीसगढ़ जैसे कृषि प्रधान राज्यों पर पड़ता है। बैठक में महिला आरक्षण के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया गया। कांग्रेस ने 2029 के लोकसभा चुनाव से महिलाओं को एक-तिहाई आरक्षण देने की मांग दोहराई। इसके साथ ही लोकसभा सीटों के राज्योंवार आवंटन को लेकर मौजूदा संवैधानिक व्यवस्था को अगले 25 वर्षों तक जारी रखने की मांग भी रखी गई।