*ग्रामीणों की शिकायत पर पहुंची जांच अधिकारियों की टीम ने की पुष्टि*
दुर्गूकोंदल। महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना के तहत वर्ष 2024-25 निर्मित सार्वजनिक तालाब को सरपंच ने कब्जा कर खेत बनाकर धान बुआई कर दी गई। इस संबंध में ग्रामीणों की शिकायत के बाद प्रशासन द्वारा की गई जांच में खुलासा हुआ है। जांच अधिकारी ने शिकायत को सही बताते हुए उच्च कार्यालय को रिपोर्ट सौंपे जाने की बात कही है। उधर, जांच सही पाये जाने पर ग्रामीणों ने सरपंच को बर्खास्त करने और सरपंच और सरपंच पति के खिलाफ एफआईआर दर्ज की मांग कर रहे हैं।
मिली जानकारी के अनुसार मामला ग्राम तराईघोटिया की है। ग्रामीणों ने सरपंच और सरपंच पति के द्वारा सरकारी तालाब में कब्जा कर खेत बनाकर धान बुआई करने की शिकायत जि़ला पंचायत सीईओ से की थी। ग्रामीणों की शिकायत के आधार पर जिला पंचायत कांकेर के आदेश क्रमांक 3576 दिनांक 13/08/2026 के परिपालन में 17अगस्त को जांच अधिकारी जनपद दुर्गूकोंदल के पीओ बालकिशन बंजारे और आरईएस विभाग के एसडीओ देवेंद्र हठिले ग्राम तराईघोटिया जांच करने पहुंचे। जांच अधिकारियों ने ग्रामीणों की शिकायत का मिलान किया और मौका जाकर देखा तो शिकायत सच पाई गई।
जांच में अधिकारियों ने पाया कि सरपंच और सरपंच पति ने 2024-25 में निर्मित तालाब की मेड़ तोडक़र समतल बनाया है। वहां धान बुआई कर खेती की जा रही है। जनपद पंचायत दुर्गूकोंदल के पीओ और एसडीओ की जांच प्रतिवेदन में स्पष्ट लिखा है, कि वर्ष 2024-25 में निर्मित सार्वजनिक तालाब को वर्तमान सरपंच के द्वारा अतिक्रमण कर खेती किया जा रहा है, मौका मुआयना ग्रामीणों के साथ किया गया। जिसमें जांच अधिकारी ने पाया कि सार्वजनिक तालाब की मेड़ को काटकर समतल बनाकर धान बुआई की गई है, तालाब को क्षति पहुंचाकर सार्वजनिक संपत्ति की नुकसान हुई है। यह कार्य वर्तमान सरपंच जबाय नुरूटी के पति जगदेव नुरूटी के द्वारा किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि
जिपं को भेजी जाएगी रिपोर्ट : हठिले
जांच अधिकारी देवेंद्र हठिले ने बताया कि जिला पंचायत कांकेर के आदेश पर आज जांच करने तराईघोटिया पहुंचे थे। ग्रामीणों की शिकायत सही पाया गया है। सरपंच और सरपंच पति ने मनरेगा से निर्मित सरकारी तालाब पर कब्जा कर धान बुआई किया है। मौके पर पंचनामा तैयार कर किया गया है। जांच रिपोर्ट जिला पंचायत को भेजी जाएगी।

