गुवाहाटी। असम में बाढ़ का संकट अभी पूरी तरह टला नहीं है। राज्य के 13 जिलों में करीब 1.56 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं, जबकि इस साल बाढ़ और उससे जुड़ी घटनाओं में मृतकों की संख्या बढ़कर 98 हो गई है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है।
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुताबिक, 33 राजस्व सर्किलों के 464 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। गोलाघाट और शिवसागर सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में शामिल हैं। इसके अलावा जोरहाट, चराइदेव, नागांव, दरांग और धेमाजी में भी बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं।बाढ़ के कारण 10 हजार हेक्टेयर से ज्यादा फसल क्षेत्र जलमग्न है। लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए 73 राहत शिविर और वितरण केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। हजारों विस्थापित लोगों को यहां भोजन, पानी और जरूरी सामान उपलब्ध कराया जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार कुछ नदियां अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। पशुधन और मकानों को भी नुकसान पहुंचा है। कई घर पूरी तरह या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। एसडीआरएफ, नागरिक सुरक्षा कर्मियों और अन्य एजेंसियों की टीमें लगातार राहत कार्य में जुटी हैं। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और नदी किनारे के संवेदनशील इलाकों से दूर रहने की अपील की है।
