काराकास। वेनेजुएला में पिछले महीने आए विनाशकारी दोहरे भूकंप के पीछे की बड़ी वजह अब सामने आ गई है। इसरो-नासा (ISRO-NASA) के संयुक्त निसार (NISAR) सैटेलाइट से मिले आंकड़ों के अनुसार, भूकंप के दौरान धरती की सतह करीब 60 सेंटीमीटर (लगभग 2 फीट) तक खिसक गई थी। वैज्ञानिकों का मानना है कि इसी बड़े भू-स्खलन ने राजधानी कराकस और ला गुएरा में भारी तबाही मचाई, जहां हजारों इमारतें क्षतिग्रस्त हुईं और बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए। 24 जून को उत्तरी वेनेजुएला में महज 39 सेकंड के अंतराल पर 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो शक्तिशाली भूकंप आए थे। इस आपदा में 5,000 से अधिक लोगों की मौत और लगभग 16,700 लोग घायल हुए थे।
वैज्ञानिकों ने भूकंप से पहले और बाद में ली गई सैटेलाइट तस्वीरों की तुलना कर इंटरफेरोमेट्रिक सिंथेटिक अपर्चर रडार (InSAR) तकनीक का उपयोग किया। इससे जमीन की सतह में हुए बेहद सूक्ष्म बदलावों का सटीक आकलन संभव हुआ। अध्ययन में कराकस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के दक्षिणी हिस्से में सबसे अधिक भू-विस्थापन दर्ज किया गया। नासा के भू-भौतिकीविद एरिक फील्डिंग के अनुसार, यह पहली बार है जब किसी बड़े भूकंप के प्रभावों का विश्लेषण करने के लिए निसार (NISAR) के अर्जेंट रिस्पॉन्स सिस्टम का उपयोग किया गया। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह तकनीक भविष्य में भूकंप से होने वाले नुकसान का बेहतर आकलन करने और आपदा प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
