नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र 2026 की शुरुआत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सांसदों से राष्ट्रहित में सार्थक बहस और सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि तथ्य और तर्क पर आधारित चर्चा ही लोकतंत्र को मजबूत बनाती है और देश को विकास की नई दिशा देती है।
संसद परिसर में संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि जिस तरह अच्छा मानसून देश में समृद्धि लाता है, उसी तरह प्रभावी संसद सत्र भी राष्ट्र की प्रगति को गति दे सकता है। उन्होंने सभी दलों से सहयोग और रचनात्मक भूमिका निभाने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री ने बीते समय में भारत की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए युवाओं की सफलता को देश की बड़ी ताकत बताया। उन्होंने अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी कंपनियों की उपलब्धियों, तकनीकी विकास और नवाचार को भारत की बढ़ती क्षमता का प्रमाण बताया।
उन्होंने कहा कि सुधारों और नई नीतियों से युवाओं को बड़े लक्ष्य हासिल करने का अवसर मिल रहा है। तेल रिफाइनरी, सेमीकंडक्टर और हरित ऊर्जा जैसी परियोजनाएं आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। वैश्विक चुनौतियों के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती का उल्लेख करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि देश तेज गति से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने सांसदों से अपील की कि संसद को हंगामे के बजाय विचार-विमर्श और समाधान का मंच बनाया जाए।
