अमेरिका में अवैध प्रवासियों पर शिकंजा तेज, करीब 18 हजार भारतीयों पर डिपोर्टेशन का खतरा

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वॉशिंगटन। अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन ने अवैध प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस अभियान के दायरे में करीब 18 हजार भारतीय नागरिक भी आ सकते हैं, जिनके पास अमेरिका में रहने के लिए वैध दस्तावेज नहीं हैं। प्रशासन सैन्य विमानों के जरिए निर्वासन (डिपोर्टेशन) की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। अमेरिकी इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) की टीमें कई राज्यों में बिना दस्तावेज वाले प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही हैं। न्यूयॉर्क, टेक्सास, कैलिफोर्निया और न्यू जर्सी जैसे राज्यों में रहने वाले भारतीय समुदाय के बीच इस अभियान को लेकर चिंता बढ़ी है। कई लोगों को हिरासत में लेकर डिटेंशन सेंटर भेजे जाने की जानकारी सामने आई है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रम्प प्रशासन ने एल पासो और कैलिफोर्निया में नए केंद्र तैयार किए हैं, जिन्हें डिटेंशन सेंटर के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। इन केंद्रों में बड़ी संख्या में प्रवासियों को रखने की व्यवस्था की गई है और इनके संचालन की जिम्मेदारी ICE को दी गई है। न्यूयॉर्क के इमिग्रेशन अटॉर्नी ग्रेग सिस्किंड के अनुसार, पहले कई मामलों में बिना दस्तावेज वाले प्रवासियों को अदालत में अपना पक्ष रखने का अवसर मिलता था, लेकिन अब कुछ मामलों में कार्रवाई तेजी से की जा रही है और लोगों को सीधे हिरासत केंद्रों में भेजा जा रहा है।

भारत के विदेश मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, 2025 में अमेरिका से 3,567 भारतीय नागरिकों को डिपोर्ट किया गया था, जबकि 2026 में जून तक 1,076 भारतीयों को वापस भेजा जा चुका है। इससे पहले फरवरी 2025 में अमेरिका ने सैन्य विमान के जरिए 104 भारतीय नागरिकों को भारत भेजा था। उस दौरान कुछ डिपोर्ट किए गए लोगों की हथकड़ी और बेड़ियों वाली तस्वीरों को लेकर भारत में राजनीतिक विवाद भी हुआ था। अमेरिका की सख्त इमिग्रेशन नीति के चलते अवैध रूप से रह रहे प्रवासियों पर कार्रवाई जारी है। भारतीय नागरिकों से जुड़े मामलों में भी आने वाले दिनों में डिपोर्टेशन की प्रक्रिया तेज होने की संभावना जताई जा रही है।