सर्वदलीय बैठक के बाद किरण रिजिजू बोले- विपक्ष के हर मुद्दे पर होगी चर्चा, मानसून सत्र में पेश होगा ‘वंदे मातरम् बिल’

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नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र से पहले रविवार को हुई सर्वदलीय बैठक खत्म हो गई। बैठक के बाद केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि बैठक सकारात्मक माहौल में हुई और सभी दलों ने अपने-अपने मुद्दे रखे। उन्होंने कहा कि सरकार संसद सत्र के दौरान विपक्ष की सभी बातों को सुनेगी और सदन को सुचारु रूप से चलाने के लिए सभी दलों का सहयोग जरूरी है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही शांतिपूर्ण ढंग से चलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान से किसी को राजनीतिक फायदा नहीं होता, बल्कि इससे जनता के समय और धन की बर्बादी होती है।

सर्वदलीय बैठक में TMC के कथित बागी 20 सांसदों को बुलाए जाने को लेकर विपक्ष ने आपत्ति जताई। विपक्षी दलों ने सवाल उठाया कि जब लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की ओर से इस गुट को अभी मान्यता नहीं दी गई है, तो उन्हें बैठक में क्यों आमंत्रित किया गया। इस मुद्दे पर विपक्षी सांसदों ने कुछ समय के लिए वॉकआउट किया, हालांकि बाद में वे दोबारा बैठक में शामिल हो गए। किरण रिजिजू ने बागी सांसदों को बैठक में बुलाने के सवाल पर कहा कि उन्हें नियमों के अनुसार ही आमंत्रित किया गया है। उन्होंने कहा कि संसद में सभी दलों की भागीदारी और संवाद जरूरी है।

वहीं, मानसून सत्र में केंद्र सरकार राज्यसभा में ‘वंदे मातरम् बिल’ पेश करने की तैयारी में है। गृह मंत्री अमित शाह की ओर से राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक पेश किया जाएगा। प्रस्तावित कानून में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् का अपमान करने या इसके गायन में जानबूझकर बाधा डालने पर सजा और जुर्माने का प्रावधान रखा गया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वंदे मातरम् को राष्ट्रीय गान के समान कानूनी संरक्षण देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। विधेयक पारित होने के बाद राष्ट्रीय गीत के अपमान या उसके गायन में व्यवधान को दंडनीय अपराध बनाया जा सकता है। गौरतलब है कि संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान कुल 19 बैठकें प्रस्तावित हैं।