मुंबई। आमिर खान और गौरी स्प्रैट की शादी अब राजनीतिक बहस का विषय बन गई है। महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नितेश राणे ने अभिनेता की तीसरी शादी को लेकर विवादित टिप्पणी करते हुए उन्हें “लव जिहाद का ब्रांड एंबेसडर” बताया और हिंदू समाज से उनकी फिल्मों का बहिष्कार करने की अपील की। राणे के इस बयान के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर तेज हो गया है।
AIMIM के राष्ट्रीय प्रवक्ता और पूर्व विधायक वारिस पठान ने राणे के बयान पर तीखा जवाब देते हुए कहा कि, किसी की निजी जिंदगी पर राजनीति करना गलत है। उन्होंने कहा, “अगर आमिर खान ने तीन शादियां की हैं तो इससे किसी को क्या परेशानी है? यदि किसी और में क्षमता है तो वह भी अपनी इच्छा से शादी कर सकता है।”
पठान ने यह भी कहा कि, नितेश राणे को “जिहाद” शब्द का सही अर्थ तक नहीं पता और वे केवल विवाद पैदा करने के लिए ऐसे बयान देते हैं। उन्होंने याद दिलाया कि आमिर की शादी में उनके परिवार के सदस्य, पूर्व पत्नियां और करीबी लोग शामिल हुए थे, जिससे साफ है कि यह उनका निजी फैसला था। वहीं, शिवसेना (यूबीटी) की नेता किशोरी पेडणेकर ने भी इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आमिर खान की फिल्में देखनी हैं या नहीं, इसका फैसला जनता स्वयं करेगी, किसी नेता के बयान से नहीं।
