नई दिल्ली। भारत और ब्रिटेन के बीच हुए व्यापार समझौते का असर अब ऑटोमोबाइल सेक्टर पर भी दिखने लगा है। इस समझौते के तहत ब्रिटेन से आयात होने वाली कारों पर लगने वाला शुल्क काफी कम किया जाएगा। इससे आने वाले समय में लग्जरी कारों की कीमतों में कमी आने की संभावना जताई जा रही है। मौजूदा व्यवस्था में विदेशी कारों पर भारी आयात शुल्क लगता है, लेकिन नई नीति के तहत इसे चरणबद्ध तरीके से घटाकर करीब 10 प्रतिशत तक लाने का प्रावधान है। इसका सीधा फायदा ब्रिटेन से आने वाले प्रीमियम वाहनों को मिल सकता है।
ऑटो विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से Jaguar Land Rover जैसी कंपनियों को भारतीय बाजार में मजबूती मिलेगी। वहीं, Mercedes-Benz, BMW और Audi जैसी लग्जरी कार कंपनियों को भी बढ़ती प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, सरकार ने घरेलू इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग को सुरक्षित रखने के लिए कई शर्तें भी रखी हैं। आयात में छूट केवल उन्हीं वाहनों को मिलेगी जो तय नियमों के अनुसार ब्रिटेन में निर्मित होंगे।
इस समझौते से भारत के वाहन निर्यात को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। भारतीय कंपनियां इलेक्ट्रिक, हाइब्रिड और हाइड्रोजन से चलने वाले वाहनों को ब्रिटेन के बाजार में बेहतर अवसरों के साथ बेच सकेंगी। विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम लग्जरी कार बाजार में नई प्रतिस्पर्धा और तकनीकी विकास को बढ़ावा दे सकता है।
