नई दिल्ली। वास्तु शास्त्र और फेंगशुई में जल तत्व को ऊर्जा, शांति और समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है। मान्यता है कि घर में सही स्थान पर लगाया गया फव्वारा वातावरण में सकारात्मकता बढ़ाने और खुशहाली का प्रतीक बन सकता है। हालांकि, इसके लिए दिशा और रखरखाव के कुछ नियमों का ध्यान रखना जरूरी माना जाता है।
वास्तु के अनुसार, फव्वारा लगाने के लिए उत्तर दिशा या उत्तर-पूर्व यानी ईशान कोण को शुभ माना जाता है। माना जाता है कि इन दिशाओं में जल तत्व रखने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बेहतर होता है और नए अवसरों के रास्ते खुल सकते हैं। फव्वारे का पानी हमेशा साफ और लगातार बहता हुआ होना चाहिए। रुका हुआ या गंदा पानी नकारात्मकता का संकेत माना जाता है। साथ ही, कई वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार फव्वारे का पानी घर की ओर बहना शुभ माना जाता है, जबकि बाहर की ओर बहाव को नुकसान से जोड़ा जाता है।
मुख्य द्वार या लिविंग एरिया के पास फव्वारा रखना अच्छा विकल्प माना जाता है। वहीं, इसे बेडरूम और रसोई में लगाने से बचने की सलाह दी जाती है। फव्वारा केवल सजावट नहीं, बल्कि घर की सुंदरता बढ़ाने का एक माध्यम भी है। नियमित सफाई और सही देखभाल के साथ यह घर के माहौल को शांत और आकर्षक बना सकता है।
