मानसून में कोयला खदानों की सुरक्षा पर SECL की नजर: जलभराव और हादसों से बचाव के लिए तैयार हुआ विशेष प्लान

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कोरबा। बारिश के मौसम में कोयला खदानों में बढ़ते जोखिम को देखते हुए साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया है। भारी बारिश के दौरान जलभराव, मिट्टी खिसकने और मशीनों को नुकसान पहुंचने जैसी संभावनाओं को रोकने के लिए सभी खनन परियोजनाओं में विशेष तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

कोरबा जिले की प्रमुख खदानों गेवरा, दीपका और कुसमुंडा में मानसून से पहले सुरक्षा उपायों की समीक्षा की गई। खदान क्षेत्रों में पानी निकासी के लिए हाई कैपेसिटी पंप लगाए गए हैं, वहीं ढलानों की निगरानी और ड्रेनेज सिस्टम को बेहतर बनाया गया है। प्रबंधन का लक्ष्य कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ उत्पादन और परिवहन व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना है।

पिछले साल भारी बारिश के दौरान गेवरा परियोजना में ओवरबर्डन खिसकने से कई मशीनें प्रभावित हुई थीं और उत्पादन पर भी असर पड़ा था। कुसमुंडा क्षेत्र में हुए हादसे के बाद SECL ने सुरक्षा मानकों को और सख्त कर दिया है। गेवरा क्षेत्र के मुख्य महाप्रबंधक संजीव मिश्रा ने बताया कि मानसून को देखते हुए सभी जरूरी इंतजाम पहले ही पूरे कर लिए गए हैं। इस बार कंपनी जल प्रबंधन, आपदा नियंत्रण और कर्मचारियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है, ताकि प्रतिकूल मौसम में भी खनन कार्य सुरक्षित तरीके से जारी रह सके।