रायपुर पुलिस का ऑपरेशन कालचक्र, कॉम्बिंग गश्त में 190 वारंट तामील

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रायपुर। रायपुर कमिश्नरेट पुलिस ने अपराध और अपराधियों पर नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन कालचक्र” के तहत व्यापक स्तर पर कार्रवाई की है। यह अभियान 01 जुलाई 2026 को डीसीपी (नॉर्थ) मयंक गुर्जर के निर्देशन में चलाया गया, जिसमें विभिन्न थाना क्षेत्रों में कॉम्बिंग गश्त और सघन जांच अभियान संचालित किया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अभियान का उद्देश्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी, वारंटों की तामीली और असामाजिक तत्वों पर सख्त कार्रवाई करना था। इस दौरान थाना उरला, खमतराई, पंडरी और खम्हारडीह सहित कई थाना क्षेत्रों में संयुक्त रूप से कार्रवाई की गई।

अभियान के दौरान कुल 190 वारंटों की तामीली की गई, जिनमें 24 स्थायी वारंट, 68 गिरफ्तारी वारंट और 98 जमानती वारंट शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि इस कार्रवाई के दौरान कई फरार आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया। इसके साथ ही आदतन अपराधियों, निगरानी बदमाशों, गुंडा तत्वों और चाकूबाजों की पहचान कर उनकी सघन जांच की गई। पुलिस ने ऐसे सभी संदिग्ध व्यक्तियों के खिलाफ आवश्यक वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की। अभियान के दौरान धारा 170/126/135 बीएनएसएस के तहत कुल 29 व्यक्तियों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई। वहीं आबकारी एक्ट के तहत 08 मामलों और आर्म्स एक्ट के 03 मामलों में आरोपियों पर कार्रवाई की गई है।

परिवार परामर्श केंद्र की सदस्य पुलिस ने बताया कि अभियान के दौरान अवैध शराब बिक्री में शामिल व्यक्तियों, संदिग्धों और सक्रिय बदमाशों की भी जांच की गई। कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाकर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी गई और संबंधित लोगों को कड़ी चेतावनी दी गई। रात्रि कॉम्बिंग गश्त के दौरान पुलिस टीमों ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतत निगरानी रखी।

डीसीपी नॉर्थ ने स्पष्ट किया कि इस तरह के विशेष अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे, ताकि शहर में अपराध पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके और असामाजिक तत्वों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऑपरेशन कालचक्र के माध्यम से न केवल फरार अपराधियों को पकड़ा जा रहा है, बल्कि क्षेत्र में कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने का प्रयास भी किया जा रहा है। इस अभियान के बाद पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

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