ढाका। बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के चीन दौरे को लेकर देश की राजनीति और मीडिया में चर्चा तेज है। इस बीच चीन से मिलने वाली आर्थिक सहायता पर पूछे गए सवाल पर बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री चीन किसी तरह की “भीख” मांगने नहीं गए हैं, बल्कि दोनों देशों के संबंधों को मजबूत करने और भविष्य की साझेदारी को नई दिशा देने के लिए गए हैं।
प्रधानमंत्री तारिक रहमान इन दिनों पांच दिवसीय चीन दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग समेत कई वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। दोनों देशों के बीच 13 अहम समझौतों पर हस्ताक्षर हुए, जिनमें तीस्ता नदी मास्टर प्लान, तकनीकी सहयोग, मोंगला पोर्ट के विकास और अनवारा के पास आर्थिक क्षेत्र के विस्तार जैसे प्रोजेक्ट शामिल हैं।
ढाका में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पत्रकारों ने विदेश मंत्री से पूछा कि चीन से बांग्लादेश को कितनी आर्थिक मदद या नकद राशि मिली। इस सवाल पर नाराजगी जताते हुए खलीलुर रहमान ने कहा, “कृपया ऐसे सवाल मत पूछिए। इससे हमें शर्मिंदगी होती है। कोई भी प्रधानमंत्री अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में भीख का कटोरा लेकर नहीं जाता।”
उन्होंने कहा कि किसी भी विदेश दौरे का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता हासिल करना नहीं होता, बल्कि रणनीतिक, आर्थिक और विकास संबंधी साझेदारी को मजबूत करना होता है। चीन के साथ हुए समझौते भविष्य की परियोजनाओं और सहयोग को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
विदेश मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि चीन के साथ बांग्लादेश के रिश्ते आपसी सम्मान और विकास पर आधारित हैं। उन्होंने कहा कि मीडिया को केवल नकद सहायता पर सवाल उठाने के बजाय दोनों देशों के बीच हुए व्यापक सहयोग और दीर्घकालिक समझौतों पर भी ध्यान देना चाहिए।
