पुणे। देश के बहुचर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में रविवार सुबह एक बड़ा खुलासा हुआ है। मामले की जांच कर रही लोनावाला पुलिस सुबह ठीक 7:00 बजे आरोपी सिया गोयल को लेकर लोहगढ़ किले पर पहुंची। पुलिस अपने साथ फाइबर का एक पुतला (डमी) भी लेकर आई थी, ताकि वारदात के दिन की कड़ियों को जोड़ा जा सके। जब पुलिस ने सिया की मौजूदगी में क्राइम सीन को रीक्रिएट किया, तो उसने पूरी साजिश का खुलासा कर दिया।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, सिया ने कबूल किया कि केतन को रास्ते से हटाने के लिए उसने अपने साथी चेतन के साथ मिलकर एक योजना बनाई थी। योजना के तहत सिया को लोहगढ़ किले की ऊंचाई पर जाकर अपने जूतों के फीते बांधने का नाटक करना था। जैसे ही सिया फीते बांधने के बहाने झुकी, पीछे से चेतन ने आकर केतन को अचानक धक्का दे दिया। केतन संतुलन खो बैठा और सीधे 400 फीट गहरी खाई में जा गिरा, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस ने सिया के इस कबूलनामे और रीक्रिएशन की पूरी वीडियो रिकॉर्डिंग की है, जिसे कोर्ट में सबूत के तौर पर पेश किया जाएगा।
पूछताछ के दौरान सिया ने बताया कि नवंबर में केतन अग्रवाल से उसकी शादी तय हुई थी। वह इस शादी को रद्द नहीं करना चाहती थी क्योंकि इससे उसका परिवार निराश होता। इसलिए उसे शादी तोड़ने के बजाय केतन को रास्ते से हटाना ज्यादा आसान लगा। फिलहाल पुलिस सिया और सह-आरोपी चेतन चौधरी की भूमिकाओं की जांच कर रही है और परिवार के सदस्यों से पूछताछ के साथ-साथ डिजिटल सबूतों को भी खंगाल रही है।
