कबीरधाम : कबीरधाम जिले में पिछले कुछ महीनों से जंगली जीवों का शिकार हो रहा था. इसी कड़ी में वन विभाग की टीम ने बायसन शिकार मामले का खुलासा किया है. इस मामले में वन विभाग की टीम ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है,जो रिश्ते में जीजा साला है.दोनों ने सोमवार को तार बिछाकर जंगल के अंदर करंट फैलाया,जिसकी चपेट में आने से दो बायसन की मौत हो गई थी. वन विभाग ने इसे विभागीय लापरवाही मानते हुए संबंधित वन परिक्षेत्र के बीट गार्ड को भी निलंबित किया है.साथ ही साथ फॉरेस्ट रेंजर को भी अल्टीमेटम दिया गया है.
करंट लगाकर बायसन की ली गई जान
इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए डीएफओ निखिल अग्रवाल ने बताया कि मंगलवार को कवर्धा वन परिक्षेत्र के बोकरखार जंगल अंतर्गत बीट क्रमांक 47 में दो बायसन की संदिग्ध मौत की सूचना मिली थी. सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची. प्रारंभिक जांच में सामने आया कि दोनों बायसन की मौत करंट की चपेट में आने से हुई है. मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत आरोपियों की तलाश शुरू की गई.
बायसन शिकार मामले में दो गिरफ्तार
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अचानकमार टाइगर रिजर्व से डॉग स्क्वायड की सहायता ली गई. टीम पास के ही गांव तक गई, जहां दो लोगों को हिरासत में लिया गया. दसरु और कुंवर सिंह दोनों ही आपस में रिश्तेदार हैं. जब वन विभाग की टीम ने घर की तलाशी ली तो आरोपियों के कब्जे से करंट लगाने में उपयोग किया गया जीआई तार, कुल्हाड़ी, पूर्व में शिकार किए गए जंगली सूअर का मांस, दांत और मोर के पैर बरामद किए गए हैं. दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया है.
आपको बता दें कि इससे पहले भी 21 नवंबर को चिल्फी वन परिक्षेत्र अंतर्गत बाहनाखोदरा बीट क्रमांक 333 में दो बायसन का शिकार किया गया था. उस मामले में वन विभाग ने साल्हेवारा के पांच लोगों को गिरफ्तार किया था, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है. साथ ही चिल्फी रेंजर को कारण बताओ नोटिस जारी कर विभागीय जांच भी शुरू की गई है.
कबीरधाम में वन्य जीवों की सुरक्षा पर सवाल
कबीरधाम जिले में लगभग 1582 वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र है, जहां बाघ, तेंदुआ, भालू, हिरण सहित अनेक दुर्लभ वन्य प्राणी पाए जाते हैं. बावजूद इसके लगातार शिकार के मामले सामने आ रहे हैं.इस वजह से अब वन परिक्षेत्र में जीवों की सुरक्षा पर संकट मंडरा रहा है.
