रायगढ़। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी मयंक चतुर्वेदी तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्तरीय कानून एवं सुरक्षा व्यवस्था समीक्षा बैठक में जिले में कानून-व्यवस्था, सड़क सुरक्षा, नशा मुक्ति अभियान, अवैध उत्खनन, औद्योगिक सुरक्षा, आबकारी अधिनियम के प्रकरणों तथा विभिन्न संवेदनशील विषयों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में विभागवार प्रगति का परीक्षण करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में कलेक्टर ने कहा कि कानून-व्यवस्था से जुड़े सभी विषयों में विभागीय समन्वय, सतत निगरानी और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, नशा एवं अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण, औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों के कड़ाई से पालन तथा आमजन की सुरक्षा से जुड़े मामलों में जीरो टालेरेन्स की नीति अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विभाग निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्य करते हुए जमीनी स्तर पर परिणाम सुनिश्चित करे तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही पर जवाबदेही तय की जाएगी।
कलेक्टर ने अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के मामलों को गंभीरता से लेते हुए कहा कि प्राकृतिक संसाधनों के अवैध दोहन पर प्रभावी अंकुश लगाना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने राजस्व, खनिज, पुलिस एवं परिवहन विभाग को संयुक्त अभियान चलाकर नियमित जांच, सघन निगरानी एवं दोषियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में नशा मुक्त भारत अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए समाज कल्याण विभाग द्वारा बताया गया कि विभागीय मान्यता प्राप्त नवजीवन व्यसन एवं पुनर्वास नशामुक्ति केंद्र, कौहाकुण्डा रायगढ़ में वर्तमान में 15 स्वीकृत सीटों के विरुद्ध 12 नशा पीड़ित उपचाररत हैं। केंद्र के माध्यम से अब तक 261 व्यक्तियों को नशे की लत से मुक्त कर समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा चुका है। केंद्र में निःशुल्क आवास, भोजन, स्वास्थ्य परीक्षण, योग, परामर्श, मनोरंजन, खेलकूद तथा औषधीय उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। डिस्चार्ज किए गए हितग्राहियों का नियमित फीडबैक भी लिया जा रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जिले के विद्यालयों, महाविद्यालयों, राष्ट्रीय सेवा योजना शिविरों, जनसमस्या निवारण शिविरों तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों पर व्यापक जनजागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। महिलाओं, युवाओं, वृद्धजनों एवं आम नागरिकों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई जा रही है तथा मानस टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1933 का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। बैठक में औद्योगिक सुरक्षा संबंधी मॉनिटरिंग एवं दुर्घटना की स्थिति में तैयारियों की समीक्षा भी की गई। विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के निरीक्षण के दौरान श्रमिकों द्वारा सुरक्षा उपकरणों का उपयोग नहीं करने, स्वास्थ्य सुरक्षा मानकों के पालन में कमी, अग्निशमन उपकरणों के रखरखाव, फ्लाई ऐश प्रदूषण नियंत्रण तथा सुरक्षा ऑडिट रिपोर्ट प्रस्तुत करने जैसे विषय सामने आए। कलेक्टर ने उद्योग प्रबंधन को सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने तथा श्रमिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए जिले के 16 चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि अधिकांश ब्लैक स्पॉट्स पर संकेतक बोर्ड, रंबल स्ट्रिप, हाईमास्ट लाइट, सोलर ब्लिंकर, रेडियम रिफ्लेक्टर एवं अन्य सुरक्षा उपाय स्थापित किए जा चुके हैं। जिन स्थलों पर कार्य शेष हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर एवं एसपी ने दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने तथा सड़क सुरक्षा उपायों के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। बैठक में सड़क सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय राजमार्गों पर दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं त्वरित निगरानी के लिए समर्पित हाईवे मॉनिटरिंग तंत्र के गठन पर भी आवश्यक चर्चा की गई। अधिकारियों को दुर्घटना संभावित स्थलों पर सतत निगरानी, त्वरित राहत एवं बचाव व्यवस्था तथा विभागीय समन्वय के माध्यम से प्रभावी सड़क सुरक्षा प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। पुलिस विभाग द्वारा सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी देते हुए बताया गया कि ओवरस्पीडिंग, अवैध पार्किंग, मॉडिफाइड साइलेंसर तथा शराब पीकर वाहन चलाने वालों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। गत वर्ष 3762 वाहन चालकों के विरुद्ध कार्रवाई की गई।
वर्ष 2025 में 2813 दोपहिया वाहन चालकों को निःशुल्क हेलमेट वितरित किए गए तथा 3130 आवारा मवेशियों में रेडियम बेल्ट लगाई गई। स्कूलों एवं महाविद्यालयों में यातायात जागरूकता अभियान भी लगातार संचालित किए जा रहे हैं। बैठक में अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के मामलों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने खनिजों के अवैध उत्खनन एवं परिवहन में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा राजस्व, खनिज, पुलिस एवं परिवहन विभाग संयुक्त रूप से सतत अभियान चलाकर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करें। नशीली दवाओं एवं अवैध शराब की रोकथाम, आबकारी अधिनियम के प्रकरणों, हिट एंड रन मामलों, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम, जिला जेल से संबंधित विषयों, पैरोल प्रकरणों, पशु क्रूरता अधिनियम, चिटफंड मामलों तथा पीएम एवं हिस्टोपैथोलॉजी रिपोर्ट के समयबद्ध क्रियान्वयन की भी बैठक में विस्तार से समीक्षा की गई। इस अवसर पर सहायक कलेक्टर गोकुल आर.के., नगर निगम आयुक्त बृजेश सिंह क्षत्रिय, एडीएम अपूर्व प्रियेश टोप्पो, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी, नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा, अपर कलेक्टर रवि राही, डॉ. प्रियंका वर्मा, संयुक्त कलेक्टर पूजा बंसल सहित समस्त एसडीएम, एसडीओपी, थाना प्रभारी, तहसीलदार सहित संबंधित विभागीय अधिकारी मौजूद थे।
अवैध उत्खनन और परिवहन के खिलाफ लगातार कार्रवाई,
2025-26 में 344 प्रकरण दर्ज बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 344 प्रकरण दर्ज कर 1 करोड़ 16 लाख 98 हजार 687 रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया गया, जो पिछले वर्षों की तुलना में सर्वाधिक है। वहीं चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में 18 जून 2026 तक 74 प्रकरण दर्ज कर 28 लाख 59 हजार 600 रुपये का अर्थदंड लगाया जा चुका है। इनमें अवैध उत्खनन के 9, अवैध परिवहन के 61 तथा अवैध भंडारण के 4 मामले शामिल हैं। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने कहा कि जिले में खनिज संपदा की चोरी एवं अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए संबंधित विभाग समन्वित कार्रवाई करें तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
