वॉशिंगटन/तेहरान। अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की कोशिशों के बावजूद परमाणु कार्यक्रम को लेकर तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा है कि, यदि ईरान अंतरराष्ट्रीय परमाणु निरीक्षकों को अपने ठिकानों की जांच की अनुमति नहीं देता, तो किसी भी तरह का समझौता संभव नहीं होगा।
विवाद तब गहराया जब ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि अमेरिकी हमलों का सामना कर चुके परमाणु स्थलों के निरीक्षण को लेकर अभी तक कोई तारीख तय नहीं हुई है। उन्होंने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के उस दावे को भी खारिज कर दिया, जिसमें निरीक्षण प्रक्रिया पर सहमति बनने की बात कही गई थी। ईरानी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने कहा कि, तेहरान प्रस्तावित समझौते की सभी शर्तों से परिचित है। उन्होंने चेतावनी दी कि, परमाणु निरीक्षण के बिना वार्ता आगे नहीं बढ़ेगी। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जांच प्रक्रिया शुरू करने को लेकर फिलहाल कोई जल्दबाजी नहीं है।
इस बीच स्विट्जरलैंड में दोनों देशों के बीच जारी वार्ता पर भी दुनिया की नजरें टिकी हैं। हालिया बातचीत में ईरान ने अपने यूरेनियम भंडार को सीमित करने पर सहमति जताई है, जबकि बदले में अमेरिकी प्रतिबंधों में राहत देने पर चर्चा चल रही है। उधर अमेरिकी सीनेट ने भी ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई रोकने की मांग वाला प्रस्ताव पारित कर दिया है। इससे अमेरिका की राजनीति में भी ईरान मुद्दे को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।
