तेंदूपत्ता संग्राहक परिवार की बेटियों ने रचा इतिहास, रुद्राणी और डालेश्वरी ने बढ़ाया बस्तर का मान

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रायपुर। बस्तर की दो प्रतिभाशाली बेटियों ने आर्थिक चुनौतियों और सीमित संसाधनों के बावजूद हाईस्कूल बोर्ड परीक्षा में शानदार प्रदर्शन कर सफलता की नई मिसाल कायम की है। तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों से आने वाली रुद्राणी कश्यप और डालेश्वरी बघेल ने अपनी मेहनत और लगन से पूरे अंचल का गौरव बढ़ाया है। बस्तर जिले के बकावंड विकासखंड के ग्राम उलनार निवासी रुद्राणी कश्यप ने स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय करपावंड से तथा डालेश्वरी बघेल ने शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल उलनार से पढ़ाई करते हुए उल्लेखनीय सफलता हासिल की। दोनों छात्राओं ने साबित कर दिया कि दृढ़ संकल्प और मेहनत के आगे संसाधनों की कमी भी बाधा नहीं बन सकती। तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों के मेधावी बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए संचालित शिक्षा प्रोत्साहन योजना के तहत दोनों छात्राओं को 15-15 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। ग्राम उलनार में आयोजित सुशासन तिहार शिविर के दौरान Mahesh Kashyap ने दोनों छात्राओं को प्रोत्साहन राशि के चेक सौंपे और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। रुद्राणी की माता कुंती कश्यप ने बताया कि उनकी बेटी की रुचि जीव विज्ञान विषय में है और परिवार उसे आगे की पढ़ाई के लिए पूरा सहयोग देगा। वहीं डालेश्वरी के पिता लम्बोदर बघेल ने सफलता का श्रेय बेटी की मेहनत और शिक्षकों के मार्गदर्शन को दिया। इन दोनों बेटियों की उपलब्धि आज ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों छात्र-छात्राओं के लिए प्रेरणा बन गई है। शिक्षा प्रोत्साहन योजना ने न केवल उनका उत्साह बढ़ाया है, बल्कि उनके सपनों को नई दिशा देने का काम भी किया है।