अब समय पर मिलेंगे खाद-बीज और कृषि संसाधन, बढ़ेगी उत्पादन क्षमता और आय’

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आयोजित ‘सुशासन तिहार’ ग्रामीण अंचलों में किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है। जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण और शासकीय योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की इस पहल से किसान आर्थिक रूप से सशक्त हो रहे हैं। इसी क्रम में सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत अमला माझापारा के किसान भगीरथ को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) का लाभ मिला है, जिससे उनकी खेती-किसानी से जुड़ी प्रमुख समस्याओं का समाधान हुआ है।

’महंगे कृषि आदानों की समस्या से मिली राहत’:
भगीरथ ने बताया कि किसान क्रेडिट कार्ड नहीं होने के कारण उन्हें खेती के लिए आवश्यक खाद, बीज एवं अन्य कृषि सामग्री निजी दुकानों से खरीदनी पड़ती थी। इससे उन्हें अतिरिक्त खर्च वहन करना पड़ता था और समय पर संसाधन उपलब्ध नहीं होने से खेती प्रभावित होती थी। कृषि कार्यों के लिए आवश्यक पूंजी की व्यवस्था करना भी उनके लिए चुनौतीपूर्ण था।

’सुशासन तिहार में मिला त्वरित समाधान’:
‘सुशासन तिहार’ के अंतर्गत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में भगीरथ ने किसान क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। प्रशासन और कृषि विभाग द्वारा तत्परता दिखाते हुए उनके आवेदन का शीघ्र निराकरण किया गया और उन्हें किसान क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराया गया। अब किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से उन्हें सहकारी समिति से समय पर उचित मूल्य पर खाद, बीज एवं अन्य कृषि आदान सामग्री उपलब्ध हो रही है। इससे खेती की तैयारियां सुगम हुई हैं और कृषि लागत पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।

’किसान ने जताया मुख्यमंत्री का आभार’:
किसान क्रेडिट कार्ड मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए भगीरथ ने कहा, “अब मुझे खेती के लिए खाद-बीज की कोई परेशानी नहीं होती। किसान क्रेडिट कार्ड बनने से आवश्यक सामग्री समय पर मिल रही है और खेती करना आसान हो गया है। सबसे बड़ी बात यह है कि मेरी समस्या का समाधान गांव में ही हो गया। इसके लिए मैं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का हृदय से धन्यवाद करता हूं।”

’किसानों को आत्मनिर्भर बना रहा सुशासन तिहार’
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप ‘सुशासन तिहार’ के माध्यम से प्रशासन गांव-गांव पहुंचकर किसानों और आम नागरिकों की समस्याओं का समाधान कर रहा है। किसान क्रेडिट कार्ड जैसी योजनाएं किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाते हुए उन्हें आधुनिक एवं लाभकारी कृषि की दिशा में आगे बढ़ाने का कार्य कर रही हैं। भगीरथ जैसे अनेक किसानों की सफलता इस पहल की सार्थकता को प्रमाणित कर रही है।