जल जीवन मिशन के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश, उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने की समीक्षा

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रायपुर। अरुण साव ने शनिवार को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए जल जीवन मिशन के शेष कार्यों को गंभीरता, सक्रियता और तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। मंत्रालय में आयोजित समीक्षा बैठक में विभागीय वरिष्ठ अधिकारियों और मैदानी अधिकारियों ने भाग लिया। राज्य के सभी जिलों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जुड़े।

बैठक में Mohammad Qaiser Abdulhaq और प्रमुख अभियंता के.के. मरकाम भी मौजूद रहे। उप मुख्यमंत्री ने आगामी दो वर्षों के रोडमैप पर चर्चा करते हुए कहा कि मैदानी स्तर पर कार्यों की गति और गुणवत्ता के आधार पर ही केंद्र एवं राज्य सरकार से राशि जारी होगी। उन्होंने अधिकारियों को मिशन के कार्यों पर अधिक फोकस और बारीकी से काम करने के निर्देश दिए।

 हर गांव की पेयजल व्यवस्था पर नजर रखने के निर्देश

अरुण साव ने अधिकारियों से प्रत्येक गांव की पेयजल व्यवस्था की नियमित जांच करने तथा किसी भी समस्या का तत्काल समाधान सुनिश्चित करने को कहा। जहां जल जीवन मिशन के कार्य पूरे हो चुके हैं, वहां “हर घर जल” का सत्यापन कर योजनाओं का संचालन एवं संधारण ग्राम पंचायतों को सौंपने के निर्देश दिए गए। उन्होंने सभी मुख्य अभियंताओं और अधीक्षण अभियंताओं को कलेक्टरों के साथ समन्वय बनाकर योजनाओं की प्रगति पर कड़ी निगरानी रखने को कहा। साथ ही कार्यपालन अभियंताओं को सक्रिय सहयोग देकर समय-सीमा में योजनाएं पूर्ण कराने पर जोर दिया।

खराब हैंडपंपों की तत्काल मरम्मत के निर्देश

ग्रीष्मकालीन पेयजल व्यवस्था की समीक्षा करते हुए उप मुख्यमंत्री ने खराब हैंडपंपों की तत्काल मरम्मत और जलस्तर नीचे चले जाने से सूख चुके हैंडपंपों में राइजर पाइप बढ़ाकर जलापूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए। जरूरत पड़ने पर नए ट्यूबवेल खोदने को भी कहा गया।

उन्होंने आगामी वर्षा ऋतु को देखते हुए जलजनित रोगों की रोकथाम के लिए गंदे पानी की आपूर्ति रोकने, नालियों से गुजरने वाली पाइपलाइनों को बदलने और जल गुणवत्ता की नियमित जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

 जल संरक्षण और रेन वाटर हार्वेस्टिंग पर जोर

उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से लोगों को वर्षा जल संचयन, वृक्षारोपण, जलस्रोतों के संरक्षण-संवर्धन और रेन वाटर हार्वेस्टिंग के लिए प्रेरित करने को कहा। उन्होंने नक्सल प्रभावित और दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में भी स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। बैठक में जल जीवन मिशन 2.0 के विभिन्न प्रावधानों पर भी चर्चा हुई।

2026-27 में 13,183 योजनाएं पूरी करने का लक्ष्य

अधिकारियों ने बैठक में जानकारी दी कि वर्ष 2026-27 में जल जीवन मिशन के तहत प्रगतिरत 13,183 योजनाओं को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि 2027-28 में 7,352 योजनाएं पूर्ण की जाएंगी। इसके साथ ही क्रमशः 22 और 48 समूह जल प्रदाय योजनाओं का कार्य भी पूरा किया जाएगा।

प्रदेश में वर्तमान में 7060 गांव “हर घर जल” रिपोर्टेड हैं, जिनमें से 6018 गांवों का सत्यापन किया जा चुका है। राज्य में 8555 एकल ग्राम नल-जल योजनाओं को पूर्ण कर ग्राम पंचायतों को संचालन-संधारण के लिए सौंपा जा चुका है।

ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न माध्यमों से जलापूर्ति

अधिकारियों के अनुसार राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में हैंडपंपों के अलावा 30,624 सिंगल-फेज पॉवर पंप, 15,616 सौर ऊर्जा संचालित पंप और 9385 नल-जल योजनाओं के जरिए पेयजल आपूर्ति की जा रही है। ग्रीष्मकाल में निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 19,807 खराब हैंडपंपों की मरम्मत की गई है। साथ ही 31,664 मीटर राइजर पाइप बदले गए हैं और 20,788 मीटर राइजर पाइप बढ़ाए गए हैं।