नई दिल्ली। टेक दिग्गज गूगल एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचने की तैयारी में है। गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने एक ब्लॉग पोस्ट के जरिए जानकारी दी है कि कंपनी इस साल अपने एआई इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए 190 अरब डॉलर का भारी-भरकम निवेश करने की योजना बना रही है। यह निवेश मुख्य रूप से एआई डेटा सेंटर्स, कस्टम सिलिकॉन और एडवांस्ड मॉडल ट्रेनिंग पर केंद्रित होगा। पिचाई के मुताबिक, हर महीने दुनिया भर के 85 लाख से अधिक डेवलपर्स ऐप्स बनाने के लिए गूगल के एआई मॉडल का इस्तेमाल कर रहे हैं।
कंपनी के एआई इकोसिस्टम में यह ग्रोथ डेवलपर्स, बड़े उद्यमों और उपभोक्ताओं के बीच बढ़ती मांग के कारण देखी जा रही है। आंकड़ों की बात करें तो गूगल के मॉडल एपीआई (API) अब हर मिनट लगभग 19 अरब टोकन प्रोसेस कर रहे हैं। इतना ही नहीं, बीते वर्ष के दौरान गूगल क्लाउड के 375 से अधिक बड़े ग्राहकों ने व्यक्तिगत रूप से एक ट्रिलियन से ज्यादा टोकन प्रोसेस किए हैं।
गूगल के लोकप्रिय एआई प्रोडक्ट ‘जेमिनी ऐप’ (Gemini App) की लोकप्रियता भी सातवें आसमान पर है, जिसके मंथली एक्टिव यूजर्स की संख्या दोगुनी से अधिक बढ़कर 900 मिलियन (90 करोड़) के पार पहुंच गई है। वहीं, एआई-संचालित सर्च फीचर ‘एआई ओवरव्यू’ के मंथली यूजर्स 2.5 अरब से ज्यादा हो गए हैं। इस सफलता के बीच गूगल ने कोडिंग को आसान बनाने के लिए ‘जेमिनी 3.5 फ्लैश’ और यूजर्स के निजी कामों को निपटाने के लिए ‘जेमिनी स्पार्क’ नामक नया पर्सनल एआई एजेंट टूल भी पेश किया है। सुंदर पिचाई ने दोहराया कि गूगल अपनी ‘एआई-फर्स्ट’ रणनीति के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, जो वैश्विक स्तर पर लोगों के जीवन को बेहतर बनाएगी।
