नई दिल्ली। वैश्विक मोर्चे पर बढ़ती उथल-पुथल का सीधा असर आज भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिला है। सोमवार को बाजार खुलते ही चौतरफा बिकवाली शुरू हो गई। मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में आई उछाल के कारण निवेशकों में घबराहट साफ देखी जा रही है।
इस गिरावट के बाद सेंसेक्स करीब 1,000 अंक (1.34%) टूटकर 74,200 के स्तर पर आ गया है। वहीं, निफ्टी भी 300 अंकों की कमजोरी के साथ 23,300 के पास संघर्ष कर रहा है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, बाजार इस समय एक अहम मोड़ पर है। अगर निफ्टी 23,000 का मनोवैज्ञानिक स्तर तोड़ता है, तो बाजार में गिरावट और गहरा सकती है। ट्रेडर्स को इस उतार-चढ़ाव वाले माहौल में सख्त स्टॉप-लॉस का पालन करने की सलाह दी गई है।

सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि वैश्विक बाजारों में भी कमजोरी का माहौल है। जहां अमेरिकी बाजार (डाउ जोन्स और नैस्डैक) शुक्रवार को भारी गिरावट के साथ बंद हुए थे, वहीं आज एशियाई बाजारों में जापान का निक्केई और हांगकांग का हैंगसेंग भी लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं।
इसके अलावा, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार हो रही बिकवाली ने भारतीय बाजार पर दबाव और बढ़ा दिया है। पिछले 30 दिनों में FII ने बाजार से 55,567 करोड़ रुपये की भारी-भरकम निकासी की है, हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 61,285 करोड़ रुपये की खरीदारी करके बाजार को संभालने की पूरी कोशिश की है। फिलहाल, निवेशकों की नजरें अंतरराष्ट्रीय हालातों पर टिकी हैं।
