श्रीजगन्नाथ मंदिर में अनुष्ठानों में देरी: पूरी रात जागते रहे महाप्रभु, रात्रि पहुड़ नीति नहीं हो सकी संपन्न

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पुरी। श्रीजगन्नाथ मंदिर में धार्मिक अनुष्ठानों की समय-सारिणी इस बार गंभीर रूप से प्रभावित हुई, जिसके कारण महाप्रभु की ‘रात्रि पहुड़’ (शयन नीति) संपन्न नहीं हो सकी। सावित्री अमावस्या, सागर बिजे और भीतर चंदन यात्रा जैसे महत्वपूर्ण अनुष्ठानों के दौरान नीतियों में लगातार देरी देखने को मिली। जानकारी के अनुसार, रात 8:05 बजे जलक्रीड़ा अनुष्ठान के बाद मदन मोहन, श्रीदेवी और भूदेवी श्रीमंदिर में प्रवेश किए। इसके बाद महाप्रभु की मध्याह्न धूप नीति आयोजित की गई। हालांकि समय पर अनुष्ठान पूरे नहीं हो सके और रात लगभग 12:30 बजे संध्या धूप संपन्न हो पाई।

इसके बाद भी क्रम जारी रहा और भोर 4:24 बजे पणा भोग, चंदन लागी और बड़ा सिंहार वेश की रस्म पूरी हुई। इतने विलंब के चलते महाप्रभु की रात्रि पहुड़ नीति रद्द करनी पड़ी और सीधे मंगला आरती शुरू करनी पड़ी। मंदिर प्रशासन के अनुसार, पिछले कई दिनों से अनुष्ठानों में देरी का सिलसिला जारी है। सेवायतों के बीच व्यवस्थाओं और जिम्मेदारियों को लेकर मतभेद भी सामने आए हैं, जिसका असर चंदन यात्रा की नीतियों पर भी पड़ा है। इस घटना को लेकर भक्तों में नाराजगी देखी जा रही है और व्यवस्था सुधार की मांग उठ रही है। लगातार हो रही देरी ने श्रीमंदिर की परंपरागत नीति-निर्धारण प्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।