स्क्रीन पर घंटों काम और आँखों में जलन? कहीं आप भी ‘ड्राई आई सिंड्रोम’ के शिकार तो नहीं

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नई दिल्ली। डिजिटल स्क्रीन का बढ़ता इस्तेमाल और बदलती लाइफस्टाइल हमारी आंखों की नमी छीन रही है। अगर आपकी आंखों में भी लगातार जलन, भारीपन, खुजली या लालिमा रहती है, तो सावधान हो जाइए। यह ‘ड्राई आई सिंड्रोम’ के संकेत हैं, जिसे लोग अक्सर मामूली थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।

दरअसल, हमारी आंखों को सुरक्षित रखने वाली आंसू की परत जब असंतुलित हो जाती है, तो आंखें जरूरी नमी नहीं बना पातीं। घंटों कंप्यूटर या मोबाइल स्क्रीन पर आंखें टिकाए रखने से हमारी पलकें झपकने की रफ्तार कम हो जाती है, जिससे आंसू तेजी से सूखने लगते हैं। इसके अलावा, एयर कंडीशनर की सीधी हवा, बढ़ता प्रदूषण, बढ़ती उम्र और शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव भी इस समस्या को गंभीर बना देते हैं। थायराइड, डायबिटीज के मरीजों और कॉन्टैक्ट लेंस का ज्यादा इस्तेमाल करने वालों को इसका खतरा सबसे ज्यादा होता है।

इससे बचने के लिए अपनी रोजमर्रा की आदतों में छोटे लेकिन असरदार बदलाव करना बेहद जरूरी है। स्क्रीन पर काम करते समय हर 20 मिनट में 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर देखने का नियम (20-20-20 रूल) अपनाएं और जानबूझकर पलकें झपकाते रहें। भरपूर पानी पीकर शरीर को हाइड्रेट रखें और डॉक्टर की सलाह से लुब्रिकेटिंग आई ड्रॉप्स का इस्तेमाल करें। सोते समय मोबाइल से दूरी बनाएं और आंखों पर ठंडी या गुनगुनी सिकाई करें। याद रखें, आंखों का सूखापन शुरुआत में सामान्य लग सकता है, लेकिन लंबे समय तक इसकी अनदेखी करने से आंखों में गंभीर सूजन आ सकती है और धीरे-धीरे देखने की क्षमता भी प्रभावित हो सकती है। सही समय पर सतर्कता ही आपकी अनमोल आंखों की असली सुरक्षा है।