छत्तीसगढ़ में पेट्रोल-डीजल की किल्लत से मची हाहाकार! गरियाबंद कलेक्टर ने तय की ईंधन की सीमा, बोतल-ड्रम में तेल लेने पर लगी रोक

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गरियाबंद। छत्तीसगढ़ में पेट्रोल-डीजल की भारी कमी की अफवाहों के बीच पेट्रोल पंपों पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। इस स्थिति को नियंत्रित करने और जमाखोरी रोकने के लिए गरियाबंद कलेक्टर ने एक बेहद सख्त आदेश जारी किया है। नए फरमान के तहत अब दोपहिया वाहनों (बाइक) को एक बार में अधिकतम 300 रुपये और चारपहिया वाहनों (कार) को केवल 1,000 रुपये तक का ही पेट्रोल-डीजल दिया जाएगा। इसके साथ ही, किसी भी व्यक्ति को बोतल, ड्रम या जरीकेन में ईंधन देने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। नियमों का उल्लंघन करने वाले पेट्रोल पंप संचालकों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी, हालांकि एम्बुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं को इससे छूट दी गई है।

जिला खाद्य अधिकारी अरविंद दुबे ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि सप्लाई में थोड़ी कमी जरूर है, लेकिन पैनिक होने की जरूरत नहीं है। अफवाहों के कारण लोग जरूरत से ज्यादा तेल खरीद रहे हैं, जिससे तीन दिन की खपत एक ही दिन में हो रही है। दूसरी तरफ, राज्य की खाद्य सचिव रीना बाबासाहेब कंगाले ने जनता से अपील की है कि प्रदेश में पेट्रोल का 45,474 किलोलीटर और डीजल का 84,654 किलोलीटर का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। रायपुर और बिलासपुर जैसे शहरों में कुछ पेट्रोल पंप अस्थायी रूप से ‘ड्राई आउट’ (खाली) जरूर हुए हैं, जिन्हें ऑयल डिपो से लगातार रीफिल किया जा रहा है। शासन ने जनता से अनुरोध किया है कि वे किसी भी अफवाह में आकर ईंधन का अनावश्यक संग्रहण न करें, क्योंकि आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है और तेल कंपनियों के साथ मिलकर लगातार निगरानी रखी जा रही है।