खैरागढ़ में आबकारी विभाग बेलगाम; तय रेट से ज्यादा वसूल रहे असामाजिक तत्व, सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह फेल

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खैरागढ़। प्रदेश की खैरागढ़ की सरकारी शराब दुकान एक बार फिर बड़े विवादों के घेरे में है। मिलावटी शराब और फर्जी होलोग्राम के काले कारनामों के बाद अब यहाँ कथित ओवररेटिंग, भारी अव्यवस्था और खुलेआम दबंगई का खेल चल रहा है। दुकान पर शराब खरीदने आ रहे ग्राहकों के बीच अब यह बात आम हो चुकी है कि अगर बिना धक्का-मुक्की के जल्दी शराब चाहिए, तो तय कीमत से ज्यादा पैसे देने ही होंगे।

आरोप है कि दुकान के इर्द-गिर्द सक्रिय असामाजिक तत्वों ने अपना एक मजबूत सिंडिकेट बना लिया है। ये लोग हर बोतल पर निर्धारित रेट से 10 रुपये की अवैध वसूली कर रहे हैं। जो भी जागरूक ग्राहक इस अवैध उगाही का विरोध करता है, उसे गाली-गलौज, बदतमीजी और गंभीर अंजाम भुगतने की धमकियां दी जाती हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि शाम होते ही यहाँ सुरक्षा भगवान भरोसे हो जाती है। गार्ड्स की कमी के कारण आए दिन कतारों में मारपीट, जेब कटना और चाकूबाजी जैसी खौफनाक घटनाएं आम हो चुकी हैं।

इस पूरे मामले पर जब खैरागढ़ आबकारी अधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह से जवाब मांगा गया, तो उन्होंने हमेशा की तरह रटा-रटाया बयान देते हुए कहा कि, मामला संज्ञान में आया है और जांच कर कार्रवाई की जाएगी। लेकिन जनता अब सिर्फ बयानों से संतुष्ट नहीं है; बड़ा सवाल यह है कि, आबकारी विभाग इस गुंडागर्दी पर आंखें मूंदे क्यों बैठा है।