पटना। देश में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में हुई बढ़ोतरी को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए इसे आम जनता और छोटे व्यापारियों पर भारी बोझ बताया है। पार्टी का कहना है कि, यह कदम मध्यकालीन ‘जजिया टैक्स’ जैसी आर्थिक कठोरता को दर्शाता है। बिहार कांग्रेस के प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार एक तरफ युवाओं को ‘पकौड़ा तलने’ जैसे स्वरोजगार के सुझाव देती है, वहीं दूसरी तरफ उसी काम में इस्तेमाल होने वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतें बढ़ा देती है। इससे छोटे दुकानदारों और ठेला व्यवसायियों की कमाई पर सीधा असर पड़ेगा।
नई दरों के अनुसार कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे होटल, चाय की दुकानें और छोटे व्यवसाय प्रभावित हो रहे हैं। कांग्रेस का दावा है कि इसका असर जल्द ही आम जनता पर भी दिखेगा, क्योंकि बढ़ी हुई लागत के चलते खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ सकते हैं। पार्टी ने यह भी कहा कि, 5 किलो वाले ‘छोटू’ सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी से प्रवासी मजदूर, छात्र और छोटे रेहड़ी-पटरी वाले सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे। जहां पहले यह सिलेंडर सस्ता विकल्प था, अब वह भी महंगा हो गया है। कुल मिलाकर, इस मुद्दे ने एक बार फिर महंगाई को लेकर सियासी बहस को गर्म कर दिया है और आने वाले दिनों में इसके राजनीतिक असर और तेज होने की संभावना है।
