खैरागढ़। नगर पालिका खैरागढ़ में करोड़ों नहीं, बल्कि जरूरी सेवाओं से जुड़ा 35 लाख रुपये का फायर ब्रिगेड वाहन ही गायब हो गया है। चौंकाने वाली बात यह है कि, सिर्फ वाहन ही नहीं, उससे जुड़ी खरीद फाइल भी रिकॉर्ड से गायब बताई जा रही है। इस पूरे मामले ने नगर पालिका की कार्यप्रणाली और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार, अविभाजित राजनांदगांव जिले के समय गौण खनिज मद से इस वाहन के लिए दो किश्तों में राशि जारी की गई थी। पहली किश्त से चेसिस खरीदा गया, जबकि दूसरी किश्त में वाहन को पूरी तरह तैयार किया गया। अक्टूबर 2020 में यह फायर ब्रिगेड नगर पालिका को सौंपा गया और कुछ समय तक इसका उपयोग भी हुआ।

बताया जाता है कि, बाद में वाहन एक सड़क हादसे का शिकार हो गया, जिसके बाद उसे मरम्मत के लिए भेजा गया। लेकिन इसके बाद से वह वापस नहीं लौटा। नगर पालिका ने बीमा क्लेम के तहत करीब 8 लाख रुपये का सेटलमेंट भी हासिल किया, फिर भी वाहन की वापसी को लेकर कोई ठोस पहल नहीं हुई। सूत्रों के मुताबिक, जिस गैरेज में वाहन रखा है, वहां का किराया लाखों में पहुंच चुका है। वहीं प्रशासनिक स्तर पर भी इस मामले की जानकारी सामने आने के बाद जांच की बात कही जा रही है। फायर ब्रिगेड जैसी अहम सेवा का वर्षों तक उपयोग से बाहर रहना और जिम्मेदारों की चुप्पी, पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर रही है। अब देखना होगा कि जांच में इस लापरवाही का सच कब सामने आता है।
