कोरिया। जिले में ग्रामीण पशुपालन को बढ़ावा देने और महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से 70 पशु सखियों को प्रशिक्षित किया गया है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान के तहत आरसेटी प्रशिक्षण केंद्र में पशु चिकित्सा विभाग के समन्वय से आयोजित ए-हेल्प प्रशिक्षण के दूसरे बैच का प्रशिक्षण संपन्न हुआ।
दो चरणों में आयोजित आवासीय प्रशिक्षण में प्रत्येक बैच की 35-35 पशु सखियों ने हिस्सा लिया। पशु चिकित्सा विभाग के विषय विशेषज्ञों ने उन्हें पशुओं के स्वास्थ्य की देखभाल, सामान्य बीमारियों की पहचान, रोगों की रोकथाम, टीकाकरण में सहयोग, प्राथमिक पशु स्वास्थ्य सेवाओं और वैज्ञानिक पशुपालन के संबंध में जानकारी दी।
प्रशिक्षण के बाद पशु सखियां अपने गांवों में पशुपालकों को पशुओं के उचित पोषण, स्वच्छता, नियमित टीकाकरण और बीमारियों से बचाव के प्रति जागरूक करेंगी। गंभीर बीमारी की स्थिति में वे पशु चिकित्सा विभाग से समन्वय स्थापित करने में भी सहयोग देंगी। इससे ग्रामीण पशुपालकों को गांव में ही प्राथमिक मार्गदर्शन और पशु स्वास्थ्य संबंधी सहायता मिल सकेगी।
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जिला पंचायत कोरिया के मुख्य कार्यपालन अधिकारी योगेन्द्र श्रीवास ने बताया कि ग्राम स्तर पर कार्यरत पशु सखियों को तकनीकी रूप से दक्ष और आत्मनिर्भर बनाने के लिए यह प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षित महिलाएं अपनी ग्राम पंचायतों में सेवाएं देकर आर्थिक स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ सकेंगी। उन्होंने कहा कि इस पहल से पशुओं में बीमारियों के कारण होने वाले आर्थिक नुकसान को कम करने, पशुधन की उत्पादकता बढ़ाने और पशुपालक परिवारों की आय में वृद्धि करने में मदद मिलेगी।
