नई दिल्ली। भारतीय टेस्ट टीम में जगह बनाने के लिए घरेलू क्रिकेट को सबसे बड़ा पैमाना माना जाता है, लेकिन कई खिलाड़ी शानदार रिकॉर्ड के बावजूद अब तक चयन का इंतजार कर रहे हैं। रणजी ट्रॉफी, दलीप ट्रॉफी और फर्स्ट क्लास क्रिकेट में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले ये खिलाड़ी आज भी टीम इंडिया की टेस्ट कैप से दूर हैं।अभिमन्यु ईश्वरन ने 114 फर्स्ट क्लास मैचों में 8,396 रन बनाकर अपनी दावेदारी मजबूत की है, लेकिन तीन साल से टीम के आसपास रहने के बावजूद उन्हें डेब्यू का मौका नहीं मिला। धर्मेंद्रसिंह जडेजा 100 मैचों में 423 विकेट लेने के बाद भी टेस्ट टीम में जगह नहीं बना सके।
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शाहबाज अहमद ने 43 फर्स्ट क्लास मैचों में 146 विकेट और 2,493 रन बनाकर खुद को उपयोगी ऑलराउंडर साबित किया है। वहीं सरफराज खान ने घरेलू क्रिकेट में 64 की शानदार औसत के बावजूद टेस्ट टीम में सीमित मौके ही पाए हैं। शम्स मुलानी भी मुंबई के भरोसेमंद ऑलराउंडर हैं। 59 फर्स्ट क्लास मैचों में 269 विकेट और 2,577 रन उनके लगातार प्रदर्शन की गवाही देते हैं। इन खिलाड़ियों के आंकड़े बताते हैं कि घरेलू क्रिकेट में निरंतर प्रदर्शन करने वालों को टेस्ट टीम में अधिक अवसर देने की बहस एक बार फिर तेज हो गई है, क्योंकि लंबी पारी खेलने का हुनर अक्सर इन्हीं मैदानों पर निखरता है।
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