सावन 2026: हिंदू धर्म में सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र माना जाता है। इस वर्ष सावन 30 जुलाई से 28 अगस्त तक रहेगा और पहला सावन सोमवार 3 अगस्त को पड़ेगा। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक व्रत व पूजा करने से भगवान शिव और माता पार्वती का आशीर्वाद प्राप्त होता है। अविवाहित कन्याएं योग्य जीवनसाथी की कामना से, जबकि विवाहित महिलाएं सुखी दांपत्य जीवन के लिए यह व्रत रखती हैं।
पौराणिक मान्यता के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या और व्रत किए थे। उनकी अटूट भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें अपनी अर्धांगिनी के रूप में स्वीकार किया। इसी वजह से सावन सोमवार का व्रत मनचाहा जीवनसाथी मिलने और वैवाहिक सुख का प्रतीक माना जाता है। सावन में इस बार चार सोमवार पड़ेंगे और प्रत्येक सोमवार का अपना विशेष महत्व है। पहला सोमवार नई शुरुआत और मनोकामना पूर्ति, दूसरा सुख-शांति, तीसरा दांपत्य जीवन की मजबूती और चौथा भगवान शिव के विशेष आशीर्वाद से जुड़ा माना जाता है।
व्रत के दिन सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा तथा भस्म अर्पित करें। भगवान शिव की आरती, मंत्र जाप और व्रत कथा का श्रवण करना शुभ माना जाता है। पूरे सावन में सात्विक भोजन करने और तामसिक भोजन से परहेज करने की भी परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन सोमवार का व्रत केवल मनोकामनाओं की पूर्ति का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मसंयम, सकारात्मक सोच और आध्यात्मिक शांति का भी संदेश देता है। श्रद्धा और विश्वास के साथ किया गया यह व्रत जीवन में सुख, समृद्धि और मानसिक संतुलन का मार्ग प्रशस्त करता है।
