2030 का विजन, नीतीश का मिशन: सत्ता की डोर रहे न रहे, बिहार के विकास का खाका तैयार

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पटना। 20 साल तक बिहार के मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार ने अपना इस्तीफा राज्यपाल को सौंप दिया है। इस्तीफा के बाद बेहद ही शालीनता के साथ उन्होंने सोशल मीडिया पर बिहारवासियों को अपना संदेश दिया।उन्होंने इस पोस्ट में लिखा कि आप जानते हैं कि 24 नवंबर, 2005 को राज्य में पहली बार एनडीए सरकार बनी थी। तब से राज्य में कानून का राज है और हम लगातार विकास के कार्यों में लगे हुए हैं। सरकार ने शुरू से ही सभी वर्गों का विकास किया है, चाहे हिंदू हों, मुस्लिम हों, उच्च वर्ग हो, पिछड़ा वर्ग हो, अति पिछड़ा वर्ग हो, दलित हों या महादलित सभी के लिए काम किया गया है। हर क्षेत्र में कार्य हुआ है, चाहे वह शिक्षा हो, स्वास्थ्य हो, सड़क हो, बिजली हो या कृषि। महिलाओं एवं युवाओं के लिए भी अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं। वहीं नीतीश कुमार ने कहा कि हाल के दिनों में विकास कार्यों को और आगे बढ़ाया गया है। अगले पांच वर्षों, अर्थात 2025 से 2030 तक के लिए ‘सात निश्चय-3’ का गठन किया गया है। इससे विकास कार्यों को और गति मिलेगी और बिहार तेजी से आगे बढ़ेगा। बिहार के विकास में केंद्र सरकार का भी पूरा सहयोग मिल रहा है। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को नमन है। बिहार और अधिक तेजी से विकसित होगा, देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा तथा देश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देगा। आपको बता दें की जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नीतीश कुमार ने कहा कि हमने बिहार के लोगों के लिए बहुत काम किया है और लंबे समय से निरंतर उनकी सेवा की है। हमने पहले ही तय किया था कि अब मुख्यमंत्री पद छोड़ देंगे। इसी क्रम में आज मंत्रिमंडल की बैठक के बाद माननीय राज्यपाल से मिलकर अपना इस्तीफा सौंप दिया है। अब नई सरकार राज्य का कार्यभार संभालेगी। नई सरकार को मेरा पूरा सहयोग एवं मार्गदर्शन रहेगा। आगे भी अच्छा काम होगा और बिहार निरंतर प्रगति करता रहेगा। बिहार बहुत आगे बढ़ेगा।