जांजगीर-चांपा। जिले के प्रशासनिक महकमे में उस समय हड़कंप मच गया जब एडिशनल कलेक्टर (एडीएम) कार्यालय में पदस्थ एक बाबू का कथित रूप से रिश्वत लेते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद पूरे प्रशासनिक तंत्र में हलचल मच गई है और मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। वायरल वीडियो में एक व्यक्ति कथित तौर पर बाबू को कुछ राशि देता हुआ दिखाई दे रहा है। इसके बाद वीडियो में बाबू उस रकम को लेकर अपनी जेब में रखते हुए नजर आता है। इस दृश्य के वायरल होते ही लोगों के बीच प्रशासनिक कार्यप्रणाली और कार्यालयों में चल रहे लेन-देन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि वीडियो में दिखाई दे रही राशि कितनी है और यह रकम किस काम के बदले दी गई थी।
जानकारी के अनुसार, संबंधित कर्मचारी का कक्ष एडीएम कार्यालय के पास ही स्थित बताया जा रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय स्तर पर भी यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। लोग सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं और पारदर्शिता पर सवाल उठा रहे हैं। मामले की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लिया और जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। कलेक्टर ने वायरल वीडियो को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच करने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से की जाएगी और वीडियो की सत्यता, परिस्थितियों और इसमें शामिल व्यक्तियों की भूमिका की बारीकी से पड़ताल की जाएगी। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार जांच में यह भी देखा जाएगा कि वायरल वीडियो कब का है, किस स्थान पर रिकॉर्ड किया गया है और इसमें दिख रही राशि वास्तव में किस उद्देश्य से दी गई थी। इसके साथ ही वीडियो में नजर आ रहे व्यक्ति और बाबू की पहचान तथा उनके बीच के संबंधों की भी जांच की जाएगी।
कलेक्टर ने यह भी कहा है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित कर्मचारी के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों को किसी भी हालत में नहीं छोड़ा जाएगा। इस घटना के बाद जिला प्रशासन के कार्यप्रणाली पर भी लोगों की नजरें टिक गई हैं। आम जनता का कहना है कि सरकारी कार्यालयों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
सोशल मीडिया पर भी यह मामला तेजी से फैल रहा है और लोग कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। फिलहाल प्रशासन ने सभी संबंधित पहलुओं की जांच शुरू कर दी है। जांच टीम वीडियो की तकनीकी जांच के साथ-साथ अन्य साक्ष्य भी एकत्र कर रही है। इसके अलावा कार्यालय में कार्यरत अन्य कर्मचारियों से भी पूछताछ की संभावना जताई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति सामने आएगी। तब तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि जांच पूरी तरह पारदर्शी होगी और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
