बलौदाबाजार में 200 बिस्तर के ईएसआईसी अस्पताल की स्थापना को लेकर वर्मा ने की मांडविया से चर्चा

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नयी दिल्ली। छत्तीसगढ़ के राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने बलौदाबाजार जिले में 200 बिस्तर वाले कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) अस्पताल की स्थापना को लेकर गुरुवार को राष्ट्रीय राजधानी में केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया से मुलाकात की। इस दौरान प्रस्ताव पर सकारात्मक चर्चा हुई और केंद्रीय मंत्री ने इस पर गंभीरतापूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार बलौदाबाजार जिले में सीमेंट, पावर और स्टील सहित बड़ी संख्या में लघु एवं मध्यम उद्योग संचालित हैं, जिनमें हजारों श्रमिक कार्यरत हैं। जिले में गंभीर बीमारी अथवा औद्योगिक दुर्घटनाओं की स्थिति में बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के लिए श्रमिकों को अन्य बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है। इसी को देखते हुए जिले में सर्वसुविधायुक्त ईएसआईसी अस्पताल स्थापित करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार के समक्ष रखा गया है।


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मुलाकात के दौरान वर्मा ने बलौदाबाजार में 200 बिस्तर वाले ईएसआईसी अस्पताल की आवश्यकता से केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया। प्रस्तावित अस्पताल की स्थापना होने से औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत श्रमिकों एवं ईएसआईसी के तहत बीमित व्यक्तियों को स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक बलौदाबाजार जिले में वर्तमान में 17,942 पंजीकृत कर्मचारी कार्यरत हैं, जबकि सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था के तहत 18,308 बीमित व्यक्ति लाभान्वित हो रहे हैं।

राज्य में 31 मार्च 2025 तक ईएसआईसी में 15 लाख 66 हजार 430 कर्मचारी दर्ज थे। इनमें छह लाख 27 हजार 260 बीमित पुरुष और 79 हजार 237 बीमित महिलाएं शामिल हैं। प्रदेश में ईएसआईसी के अंतर्गत कुल 37 हजार 283 नियोजक पंजीकृत हैं, जिनमें 13 हजार 426 सक्रिय रूप से योगदान दे रहे हैं।


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ईएसआईसी के माध्यम से बीमित श्रमिकों को चिकित्सा सुविधाओं के साथ बीमारी, मातृत्व और कार्यस्थल पर दुर्घटना जैसी परिस्थितियों में सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा प्रदान की जाती है। बलौदाबाजार में प्रस्तावित 200 बिस्तर के अस्पताल की स्थापना से जिले के औद्योगिक श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की उम्मीद है।