वंदे मातरम् विवाद : कांग्रेस का प्रस्ताव तुष्टीकरण की राजनीति का प्रमाण

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रायपुर। छत्तीसगढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता एवं सांसद संतोष पाण्डेय ने कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) द्वारा वंदे मातरम् के केवल शुरुआती दो पद गाने के प्रस्ताव को तुष्टीकरण और वोट बैंक की राजनीति का प्रतीक बताया है। पाण्डेय ने गुरुवार को जारी बयान में कहा कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि स्वतंत्रता संग्राम की चेतना और राष्ट्रभक्ति का अमर प्रतीक है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस द्वारा इसके संपूर्ण स्वरूप के बजाय केवल दो पदों को स्वीकार करने का प्रस्ताव राष्ट्रीय भावना के साथ समझौता है।उन्होंने कहा कि जिस गीत को गाते हुए स्वतंत्रता सेनानियों ने बलिदान दिया, उसकी सम्पूर्णता को अस्वीकार करना देश की सांस्कृतिक विरासत और बलिदानियों की स्मृति का अपमान है।

भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने तुष्टीकरण की राजनीति के कारण राष्ट्रभक्ति के प्रतीकों को लगातार कमजोर करने का प्रयास किया है। पाण्डेय ने कहा कि भाजपा सम्पूर्ण राष्ट्रगीत वंदे मातरम् और राष्ट्र के सम्मान के प्रति प्रतिबद्ध है तथा देश की जनता राष्ट्र के मान-बिंदुओं से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं करेगी।