बाजार पर अमेरिका-ईरान तनाव की मार, सेंसेक्स 188 अंक लुढ़का; निफ्टी भी फिसला

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नई दिल्ली। भारतीय बाजारों ने सप्ताह की शुरुआत गिरावट के साथ की। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक संघर्ष और अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर चिंताओं के बीच ब्रेंट क्रूड नए उच्च स्तर पर पहुंच गया। बीएसई सेंसेक्स 107.38 अंक या 0.14 फीसदी गिरकर 76,408.05 अंक पर पहुंच गया। एनएसई निफ्टी 50 भी 14.55 अंक या 0.06 फीसदी की गिरावट के साथ 23,883.15 अंक पर कारोबार करता दिखा।

कोटक सिक्योरिटीज में कमोडिटी और करेंसी रिसर्च के प्रमुख अनिंद्य बनर्जी ने बताया कि ब्रेंट पिछले सप्ताह करीब 10 फीसदी की वृद्धि के बाद 96.50 अमेरिकी डॉलर के करीब कारोबार कर रहा है। शनिवार को अमेरिका ने ईरान के तट पर लंगर डाले तीन ईरानी तेल टैंकरों पर सीधे हमले किए। यह तेहरान द्वारा अमेरिकी युद्धपोतों पर बैलिस्टिक मिसाइल दागने के जवाब में था। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने जलडमरूमध्य से एक अनधिकृत मार्ग का उपयोग करके तीन टैंकरों पर हमलों का दावा किया।

रिपोर्टिंग के समय, ब्रेंट क्रूड 0.74 अमेरिकी डॉलर बढ़कर 97.02 अमेरिकी डॉलर हो गया। कच्चा तेल भी 0.79 अमेरिकी डॉलर बढ़कर 92.27 अमेरिकी डॉलर पर पहुंच गया। इसके विपरीत, सोने में गिरावट देखी गई, जो 30.63 अमेरिकी डॉलर गिरकर 4,401.93 अमेरिकी डॉलर पर आ गया। सोमवार को शुरुआती कारोबार में रुपया सीमित दायरे में कारोबार करता रहा और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 4 पैसे बढ़कर 94.39 पर पहुंच गया। मजबूत एफसीएनआर-संबंधित डॉलर प्रवाह से मिल रहे समर्थन को उच्च कच्चे तेल की कीमतों ने बेअसर कर दिया, जबकि वैश्विक स्तर पर प्रतिकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं।

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क्या है पश्चिम एशिया में नया तनाव?
अनिंद्य बनर्जी ने बताया कि रविवार को ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी ने एक प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित करने की बात कही। यह क्षेत्र अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी रेखा से शुरू होकर खाड़ी तक फैला होगा। इसमें प्रवेश करने वाले किसी भी जहाज को ईरान की प्रतिबंध सूची में रखा जाएगा। ओमान के साथ सहमत पारगमन गलियारे पर जल्द ही हस्ताक्षर किए जाएंगे। इसके प्रवेश और निकास बिंदु ईरानी नियंत्रण में होंगे। ओपेक+ उत्पादकों ने रविवार को अक्तूबर के उत्पादन को सितंबर के स्तर पर रखा।

कच्चे तेल की कीमतों का क्या असर?
कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि से घरेलू इक्विटी पर दबाव बढ़ रहा है। गिफ्ट निफ्टी 60.00 अंक गिरकर 23,950.00 अंक पर कारोबार कर रहा था। यह सुबह के कारोबार में लगातार सावधानी का संकेत देता है। एक्सिस डायरेक्ट में रिसर्च के प्रमुख राजेश पाल्विया ने कहा कि निकट अवधि का रुझान सतर्क बना हुआ है। सूचकांक महत्वपूर्ण 24,000-24,150 क्षेत्र से नीचे संघर्ष कर रहा है।

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वैश्विक बाजारों का प्रदर्शन कैसा रहा और आगे क्या उम्मीद है?
टोक्यो समय के अनुसार दोपहर 12:13 बजे तक एसएंडपी 500 वायदा 0.1 फीसदी गिरा। जापान का निक्केई 225 वायदा 1.7 फीसदी बढ़ा, जबकि टॉपिक्स 0.6 फीसदी ऊपर रहा। ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200 लगभग अपरिवर्तित रहा। हांगकांग का हैंग सेंग 1 फीसदी, शंघाई कंपोजिट 0.2 फीसदी और यूरो स्टॉक्स 50 वायदा 0.1 फीसदी नीचे आया। विश्लेषकों को उम्मीद है कि वैश्विक बॉन्ड प्रतिफल में नरमी से बाजार को थोड़ी राहत मिल सकती है।

आगे बाजार में क्या उम्मीद करें?
राजेश पाल्विया ने बताया कि तत्काल समर्थन 23,800 पर है, इसके बाद 23,700 और 23,600 पर है। भू-राजनीतिक तनाव में निरंतर कमी से ब्रेंट 90 अमेरिकी डॉलर से नीचे आ सकता है। इससे निफ्टी को 24,150 वापस पाने के लिए उत्प्रेरक मिल सकता है। पीएल कैपिटल में एडवाइजरी और डीलिंग के मुख्य कारोबार अधिकारी विक्रम कसाट ने कहा कि कमजोर वॉल स्ट्रीट संकेत और अमेरिका में ब्याज दर वृद्धि का डर है। पश्चिम एशिया में अनिश्चितता के कारण सोमवार को शेयरों में और अधिक समेकन हो सकता है।

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