भोपाल। राजधानी भोपाल की हाईप्रोफाइल ट्विशा शर्मा केस में सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह को भोपाल पुलिस ने सात घंटे की पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। मंगलवार और बुधवार को लगातार कई घंटे तक सीबीआई ने पूछताछ के बाद उनकी गिरफ्तारी की तैयारी शुरू कर दी थी। गुरुवार सुबह नई दिल्ली से सीबीआई की आधा दर्जन महिला पुलिसकर्मियों-अधिकारियों के भोपाल पहुंचने के बाद गिरफ्तारी की पटकथा लिखी गई। तकरीबन शाम 6 बजे सीबीआई की टीम गिरिबाला सिंह का मेडिकल कराने भोपाल एम्स ले जाने के लिए घर से निकली है।
यह कार्रवाई मध्यप्रदेश हाईकोर्ट द्वारा एक दिन पहले गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द किए जाने के बाद की गई। त्विषा शर्मा की 12 मई को भोपाल स्थित ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। उनकी शादी 9 दिसंबर 2025 को समर्थ सिंह से हुई थी। गिरिबाला सिंह ने घटना के दो दिन बाद भोपाल जिला अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। 10वें अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने 15 मई को उनकी उम्र और मृतका को किए गए पैसों के ट्रांसफर का हवाला देते हुए जमानत दे दी थी। हालांकि, हाईकोर्ट ने बुधवार को 17 पन्नों के आदेश में इस जमानत को निरस्त कर दिया।
गुरुवार सुबह दस बजे सीबीआई की विशेष टीम महिला पुलिसकर्मियों के साथ बागमुगालिया एक्सटेंशन स्थित गिरिबाला सिंह के घर पहुंची थी। समर्थ सिंह को भी लेकर सीबीआई की टीम गिरिबाला सिंह के यहां गई थी। दोनों को कुछ देर तक आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की गई, इसके बाद एक टीम समर्थ सिंह को लेकर विशेष स्थान पर चली गई।
तीन बजे हो गई थी गिरफ्तारी की तैयारी भोपाल पुलिस के सूत्रों के अनुसार सुबह दस बजे से तीन बजे तक की पूछताछ के बाद ही सीबीआई गिरिबाला सिंह की गिरफ्तारी की पटकथा तैयार कर ली थी। तीन बजे भोपाल पुलिस आयुक्त को सूचना देकर सीबीआई ने गिरिबाला सिंह के घर के बाहर विशेष सुरक्षा टीम तैनात करने की मांग की थी। इसके बाद आनन-फानन में बागसेवनिया, मिसरोद और कटारा हिल्स थाने के पुलिसकर्मियों के साथ भारी पुलिस बल गिरिबाला सिंह के बाहर सुरक्षा में बैरिकेडिंग्स कर तैनात किया गया। सीबीआई की एक अलग टीम सुबह दस बजे से ही गिरिबाला सिंह के घर के चारों तरफ सुरक्षा घेरा बनाकर रखी थी। ::::
