धमतरी में पर्यटन को मिलेगा नया विस्तार, प्रशासन ने होटल-टूर ऑपरेटर्स के साथ तैयार की कार्ययोजना

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धमतरी। प्राकृतिक सौंदर्य, जलाशयों, पहाड़ियों, मंदिरों और ऐतिहासिक-सांस्कृतिक विरासत से समृद्ध धमतरी में पर्यटन को नई दिशा देने की तैयारी शुरू हो गई है। जिला प्रशासन पर्यटन को सिर्फ घूमने तक सीमित रखने के बजाय स्थानीय रोजगार, कारोबार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़ने की योजना पर काम कर रहा है। इसी उद्देश्य से कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने होटल एवं टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों और सदस्यों के साथ बैठक कर पर्यटन गतिविधियों के विस्तार और नए प्रोजेक्ट की संभावनाओं पर चर्चा की।

कलेक्टर ने कहा कि धमतरी की पहचान प्राकृतिक पर्यटन के साथ धार्मिक और ऐतिहासिक विरासत के लिए भी है। शहर में सात-आठ प्रमुख मंदिर हैं, जिनमें कुछ करीब 700 वर्ष पुराने बताए जाते हैं। रुद्रेश्वर मंदिर, कुलेश्वर महादेव मंदिर, राम टेकरी की सांस्कृतिक विरासत, कंडेल और जंगल सत्याग्रह तथा प्रदेश का एकमात्र गांधी मंदिर जिले को अलग तरह की पर्यटन पहचान देते हैं। इन स्थलों को आपस में जोड़कर धार्मिक, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, प्राकृतिक और साहसिक पर्यटन के अलग-अलग सर्किट विकसित करने की दिशा में काम किया जा सकता है। पिछले पौने तीन वर्षों में पर्यटन स्थलों पर पहुंच मार्ग, स्वच्छता, बुनियादी सुविधाओं और सौंदर्यीकरण के साथ जल एवं साहसिक पर्यटन को बढ़ाने के प्रयास किए गए हैं। गंगरेल में गतिविधियों के विस्तार के साथ रुद्री डैम में कयाकिंग अकादमी जैसी पहल भी की जा रही है।

बैठक में कैंपिंग और एडवेंचर टूरिज्म की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने बताया कि कैंपिंग क्षेत्रों के विकास से पर्यटकों की संख्या बढ़ सकती है और इसके लिए करीब एक एकड़ जमीन उपलब्ध कराने की दिशा में पहल की जाएगी। हरफर और तिर्रा में भी कैंपिंग स्थल विकसित करने पर सहमति बनी। वहीं महानदी किनारे स्थित मोहेरा गांव में ट्रैकिंग और कैंपिंग की संभावनाएं तलाशने की बात कही गई। होटल एवं रिसॉर्ट संचालकों से नए निवेश और पर्यटन गतिविधियों के संबंध में सुझाव भी मांगे गए। सभी टूर ऑपरेटर्स को प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण कर उनके आधार पर नए पर्यटन पैकेज तैयार करने के निर्देश दिए गए।

पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए डिजिटल प्रचार पर भी जोर दिया गया। कलेक्टर ने कहा कि जिले के पर्यटन स्थलों की जानकारी होटल, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट जैसे प्रमुख स्थानों पर उपलब्ध होनी चाहिए, ताकि बाहर से आने वाले पर्यटकों को जानकारी आसानी से मिल सके। चुनिंदा स्थानों पर लग्जरी होमस्टे विकसित करने, होटल-रिसॉर्ट का सोशल मीडिया के जरिए प्रचार करने और ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा उपलब्ध कराने पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने कहा कि पर्यटन से जुड़े नए प्रोजेक्ट प्रशासन के सामने आने पर उन्हें आगे बढ़ाने में हरसंभव सहयोग किया जाएगा। प्रशासन और निजी क्षेत्र के साथ मिलकर ऐसा पर्यटन मॉडल विकसित करने का प्रयास है, जिससे पर्यटक जिले में अधिक समय रुकें और स्थानीय उत्पादों व सेवाओं से रोजगार के अवसर बढ़ें।