नई दिल्ली। स्मार्टफोन की दुनिया में फोल्डेबल फोन कभी महज एक महंगा प्रयोग माने जाते थे, लेकिन अब यह प्रीमियम मोबाइल बाजार का अहम हिस्सा बन चुके हैं। इस बदलाव में सैमसंग की भूमिका सबसे बड़ी रही है। कंपनी ने 2019 में Galaxy Fold के साथ बड़े स्तर पर फोल्डेबल स्मार्टफोन बाजार को आकार देना शुरू किया और तब से लगातार अपनी Galaxy Z Fold और Z Flip सीरीज को विकसित करती रही है।
अब इस बाजार में एपल की एंट्री होने जा रही है। एपल ने 9 सितंबर 2026 को होने वाले अपने विशेष इवेंट की आधिकारिक एलान कर दिया है। रिपोर्ट्स की मानें तो, इस कार्यक्रम में कंपनी का पहला फोल्डेबल आईफोन सामने आ सकता है। यानी जिस बाजार को सैमसंग ने कई साल तक तैयार किया, वहां अब एपल सीधे प्रीमियम सेगमेंट में मुकाबले के लिए उतरने वाला है।
लेकिन सवाल सिर्फ इतना नहीं है कि एपल कितना अच्छा फोल्डेबल फोन बनाती है। असली सवाल यह है कि क्या एपल की एंट्री सैमसंग की बादशाहत को चुनौती दे पाएगी या फिर सैमसंग अपने लंबे अनुभव, तकनीक और मजबूत उत्पाद लाइनअप की वजह से आगे बना रहेगा?
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सैमसंग के पास है सबसे लंबा अनुभव:
- फोल्डेबल फोन के बाजार में सैमसंग का सबसे बड़ा फायदा उसका अनुभव है। कंपनी ने इस फॉर्म फैक्टर पर तब दांव लगाया था जब बाजार को लेकर काफी अनिश्चितता थी। शुरुआती पीढ़ियों में स्क्रीन की मजबूती, हिंज और सॉफ्टवेयर जैसे मोर्चों पर चुनौतियां आईं, लेकिन सैमसंग ने लगातार कई पीढ़ियों में अपने हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर को बेहतर किया।
- आज कंपनी की Galaxy Z Fold और Galaxy Z Flip सीरीज बाजार में लंबे समय से मौजूद हैं। 2026 में सैमसंग ने Galaxy Z Fold8 Ultra, Galaxy Z Fold8 और Galaxy Z Flip8 लॉन्च किए।
- सैमसंग की नई पीढ़ी सिर्फ फोन को मोड़ने तक सीमित नहीं है। कंपनी बड़ी स्क्रीन, मल्टीटास्किंग, कैमरा, ड्यूरेबलिटी और एआई आधारित अनुभव पर लगातार जोर दे रही है। यही वजह है कि फोल्डेबल अब सैमसंग के लिए प्रयोगात्मक उत्पाद नहीं, बल्कि उसके प्रीमियम स्मार्टफोन कारोबार का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं।
सैमसंग के नए फोन की भारत में रिकॉर्ड मांग:
- सैमसंग की मौजूदा पकड़ का एक संकेत भारत में भी देखने को मिला। कंपनी के अनुसार Galaxy Z Fold8 Ultra, Galaxy Z Fold8 और Galaxy Z Flip8 ने लॉन्च के शुरुआती 72 घंटों में 2.71 लाख से ज्यादा प्री-ऑर्डर हासिल किए। जबकि पिछले साल Galaxy Z Fold7 और Z Flip7 के लिए इतनी संख्या में प्री-ऑर्डर जुटाने में 15 दिन लगे थे।
- कंपनी के मुताबिक इस साल 45 प्रतिशत प्री-ऑर्डर टीयर-2 शहरों और उससे आगे के इलाकों से आए। यह आंकड़ा खास है, क्योंकि इससे पता चलता है कि फोल्डेबल स्मार्टफोन की मांग केवल महानगरों में ही नहीं बल्कि छोटे शहरों से भी आने लगी है। सैमसंग ने समय के साथ फोल्डेबल टेक्नोलॉजी को बेहतर किया है।
एपल पहली बार उतरेगी मैदान में:
- एपल के लिए चुनौती और अवसर दोनों एक साथ हैं। कंपनी पहली बार फोल्डेबल आईफोन पेश करने जा रही है और बाजार में उसे सैमसंग के साथ Huawei, Xiaomi तथा दूसरे चीनी ब्रांडों से भी मुकाबला करना होगा।
- रिपोर्ट्स के मुताबिक, एपल का पहला फोल्डेबल आईफोन 2,500 डॉलर की कीमत पर लॉन्च हो सकता है। विश्लेषकों को उम्मीद है कि यह फोन अपने मजबूत हिंज और बहुत कम दिखाई देने वाली स्क्रीन क्रीज जैसे डिजाइन पहलुओं पर जोर दे सकता है।
- ध्यान देने वाली बात यह है कि ये अभी एपल की आधिकारिक स्पेसिफिकेशन या कीमत नहीं हैं। एपल ने लॉन्च से पहले इन जानकारियों की पुष्टि नहीं की है। इसलिए इन्हें रिपोर्ट और बाजार अनुमानों के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
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एपल के लिए मौके के साथ होगी चुनौती:
- एपल देर से बाजार में प्रवेश कर रही है, लेकिन यह पहली बार नहीं होगा जब कंपनी किसी ऐसी कैटेगरी में आए जिसमें दूसरी कंपनियां पहले से मौजूद हों। एपल की रणनीति आमतौर पर बाजार में पहले आने से ज्यादा किसी प्रोडक्ट को अपने इकोसिस्टम और सॉफ्टवेयर अनुभव के साथ जोड़ने पर केंद्रित रही है।
- फोल्डेबल आईफोन के मामले में भी यही ताकत एपल के काम आ सकती है। अगर कंपनी हार्डवेयर, ओएस और एप ऑप्टिमाइजेशन को एकसाथ इस्तेमाल करने में सफल रहती है, तो मौजूदा आईफोन यूजर्स के लिए फोल्डेबल में बदलने की वजह पैदा हो सकती है।
- काउंटरपॉइंट रिसर्च का अनुमान है कि एपल 2026 में ही ग्लोबल फोल्डेबल स्मार्टफोन मार्केट में करीब 25 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल कर सकती है और सैमसंग के 38 प्रतिशत के बाद दूसरे स्थान पर आ सकती है। हुआवै के लिए यह अनुमान 22 प्रतिशत है। खास बात यह है कि एपल के लिए यह हिस्सा उसके कैटेगरी में प्रवेश के शुरुआती दौर में अनुमानित है।
हुआवै और शाओमी भी पीछे नहीं:
- सैमसंग और एपल की जंग को समझने के लिए चीन के ब्रांडों को नजरअंदाज करना भी सही नहीं होगा। हुआवै ने सितंबर 2026 में Mate XT2 series पेश की है, जो दो बार फोल्ड होती है और खुलने पर टैबलेट-साइज की डिस्प्ले देती है। कंपनी चीन के फोल्डेबल बाजार में बेहद मजबूत है।
- चीन में 2026 की दूसरी तिमाही में हुआवै की फोल्डेबल शिपमेंट में हिस्सेदारी 68 प्रतिशत थी। यानी चीन के बाजार में हुआवै की पकड़ सैमसंग और एपल दोनों के लिए बड़ी चुनौती है।
- वहीं Xiaomi ने भी Xiaomi 18 Fold पेश किया है। कंपनी ने इसका वजन 219 ग्राम और थिकनेस 5.02 मिलीमीटर बताई है। Xiaomi के मुख्य कार्यकारी अधिकारी लेई जुन ने एपल के प्रीमियम फोन के साथ इसकी तुलना करते हुए हल्के डिजाइन और रिस्पॉन्सिवनेस को प्रमुख खूबियों के तौर पर पेश किया।
- इससे साफ है कि एपल को सिर्फ सैमसंग से मुकाबला नहीं करना होगा। उसे उन चीनी कंपनियों के सामने भी अपनी जगह बनानी होगी, जो फोल्डेबल इनोवेशन पर पहले से तेजी से काम कर रही हैं।
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असली मुकाबला हार्डवेयर से ज्यादा इकोसिस्टम का होगा:
- सैमसंग के पास फोल्डेबल हार्डवेयर का लंबा अनुभव है। एपल के पास iPhone का विशाल यूजरबेस और इकोसिस्टम है। ऐसे में आने वाली प्रतिस्पर्धा सिर्फ डिस्प्ले या फीचर्स की नहीं होगी।
- सैमसंग का फायदा यह है कि उसने कई जनरेशन के जरिए फोल्डेबल टेक्नोलॉजी को बेहतर किया है। एपल की ताकत यह होगी कि उसके मौजूदा आईफोन यूजर्स पहले से कंपनी के सॉफ्टवेयर इकोसिस्टम में हैं। अगर एपल नया फोल्डेबल आईफोन ऐसा अनुभव देती है जो आईफोन यूजर्स को बेहतर भी लगे और नई क्षमताएं भी दे, तो कंपनी तेजी से मार्केट शेयर हासिल कर सकती है।
यूजर्स को है लॉन्च का इंतजार:
9 सितंबर 2026 का एपल इवेंट इसीलिए अहम है। उस दिन सिर्फ एक नया आईफोन सामने आने की उम्मीद नहीं है, बल्कि यह भी तय होना शुरू होगा कि फोल्डेबल स्मार्टफोन बाजार में अगला बड़ा दौर सैमसंग के नेतृत्व में चलेगा या एपल की एंट्री इसे पूरी तरह बदल देगी।

