बिहान योजना से जशपुर की सरिता बाई बनीं लखपति दीदी, ईंट निर्माण से सालाना कमा रहीं दो लाख रुपये से अधिक

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जशपुर। छत्तीसगढ़ में बिहान योजना और स्वरोजगार से जुड़कर ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रही हैं। जशपुर जिले के मनोरा विकासखंड के ग्राम पंचायत चड़िया की सरिता बाई ने ईंट निर्माण व्यवसाय के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई है। स्व-सहायता समूह से जुड़ी सरिता बाई अब लखपति दीदी बनकर प्रतिवर्ष दो लाख रुपये से अधिक की कमाई कर रही हैं।

सरिता बाई ने वर्ष 2024 में प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत एक लाख रुपये का ऋण लेकर ईंट निर्माण का काम शुरू किया था। अपनी मेहनत, लगन और बेहतर प्रबंधन के दम पर उन्होंने इस व्यवसाय को नियमित आय का जरिया बना लिया। इससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और उन्हें स्वरोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर मिला है।

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में पक्के मकानों के निर्माण और निजी निर्माण कार्यों में तेजी आने से ईंटों की मांग बढ़ी है। सरिता बाई द्वारा तैयार की गई ईंटों का उपयोग भी इन निर्माण कार्यों में हो रहा है। स्थानीय स्तर पर मांग बढ़ने से उनके व्यवसाय को आगे बढ़ने में मदद मिल रही है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान और विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। सरिता बाई की सफलता बताती है कि आर्थिक सहयोग, सही अवसर और मेहनत के जरिए महिलाएं अपना व्यवसाय खड़ा कर परिवार की आय बढ़ाने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था में भी योगदान दे सकती हैं।