रायपुर। महिला आरक्षण बिल को लेकर राजनीतिक बयान बाजिया तेज हो गई है। सोमवार को बीजेपी ने महिला आरक्षण बिल पास नहीं होने पर रैली निकालकर प्रदर्शन किया था। वहीं, कांग्रेस की राज्यसभा सदस्य रंजीत रंजन एवं महिला विधायकों ने मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत की, इस दौरान रंजीत रंजन ने कहा कि, प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक झूठ बोल रहे है। भाजपा द्वारा महिला आरक्षण को लेकर लगातार झूठा भ्रम फैलाया जा रहा कि कांग्रेस और विपक्षी दलों ने महिला आरक्षण बिल का समर्थन नहीं किया, इसलिए संसद में बिल पास नहीं हो सका। महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023) 128 वां संविधान संशोधन सितंबर 2023 में संसद के दोनों सदनों में पारित हो चुका है तथा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इस पर हस्ताक्षर कर चुकी है तथा यह कानून भी बन चुकी है। भाजपा 2023 के आरक्षण बिल को क्यों लागू नहीं कर रही है? इस बिल के आधार पर तुरंत आरक्षण प्रभावी हो सकता है।

भाजपा ने 16 अप्रैल 2026 को जो विधेयक संसद में प्रस्तुत किया 131 वां संविधान संशोधन अधिनियम इसमें महिला आरक्षण के संदर्भ में नहीं भाजपा महिला आरक्षण को मुखौटा बनाकर परिसीमन संशोधन बिल तथा केंद्र शासित प्रदेश कानून संशोधन बिल को पास करवाना चाहती थी। राज्यसभा सदस्य रंजीत रंजन ने कहा कि संसद में जो विधेयक गिरा उसमें इस विधेयक में लोकसभा परिसीमन की सीटें 850 करने का प्रस्ताव था राज्यों में 815 सीटें तथा केंद्र शासित प्रदेशों में 35 सीटें। परिसीमन विधेयक- जिसमें परिसीमन के लिये 2011 की जनगणना को आधार बनाने की बात की गयी थी। विधेयक में पांडुचेरी, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर के कानूनों में संशोधन की बात की गयी थी ताकि परिसीमन और महिला आरक्षण विधेयक लागू किया जा सके। जब 2026-27 की जनगणना शुरू है तथा सरकार जाति जनगणना की भी बात कर चुकी है तो जनगणना के बाद आये नये आंकड़ों के आधार पर परिसीमन क्यों नहीं कराया जा रहा?

राज्यसभा सदस्य रंजीत रंजन एवं महिला विधायकों ने कहा कि महिला आरक्षण बिल को यदि तुरंत लागू करना है तो परिसीमन का इंतजार किए बिना वर्तमान सदस्य संख्या में ही 33 प्रतिशत का आरक्षण क्यों नहीं देना चाहती सरकार? कांग्रेस सहित सभी विपक्षी दल इसके लिए तैयार है। सरकार 2023 के महिला आरक्षण बिल नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन कर महिला आरक्षण को तुरंत लागू कर सकती थी उसने ऐसा क्यों नहीं किया? जबकि नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 जो कानून बन चुका है 2034 से मूर्त रूप लेगा संशोधन से तुरंत लागू हो जाता। भाजपा की मंशा महिला आरक्षण की नहीं अपने मनमुताबिक सीटों के परिसीमन की थी जो विपक्षी दलों की एकजुटता से पूरा नहीं हो चुका है। पत्रकार वार्ता में विधायक गण अनिला भेड़िया, अंबिका मरकाम, संगीता सिन्हा, सावित्री मंडावी, चातुरी नंद, शेषराज हरवंश, हर्षिता बघेल, कविता प्राण लहरे, विद्यावती सिदार, प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता वंदना राजपूत, प्रीति उपाध्याय, प्रगति वाजपेयी उपस्थित थे।
