‘आर्टिकल 370 को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म, ममूटी और कार्तिक आर्यन सर्वश्रेष्ठ अभिनेता; यामी गौतम को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का सम्मान
नई दिल्ली । राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 22 सितंबर 2026 को गुजरात के एकता नगर (केवडिया) में 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्रदान करेंगी। समारोह में देशभर के फिल्म निर्माता, अभिनेता, तकनीशियन और अन्य कलाकार शामिल होंगे। वर्ष 2024 में भारतीय सिनेमा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान और उपलब्धियों के लिए विभिन्न श्रेणियों में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार वर्ष 1954 में स्थापित किए गए थे और इन्हें भारतीय सिनेमा के क्षेत्र में उत्कृष्टता के लिए देश के सबसे प्रतिष्ठित सम्मानों में गिना जाता है। सात दशकों से अधिक समय से ये पुरस्कार फीचर फिल्म, गैर-फीचर फिल्म और सिनेमा पर लेखन के क्षेत्र में उत्कृष्ट रचनात्मक एवं तकनीकी उपलब्धियों को सम्मानित करते आ रहे हैं। साथ ही, पुरस्कार भारतीय सिनेमा की भाषाई, सांस्कृतिक और क्षेत्रीय विविधता को भी सामने लाते हैं।
पहली बार राष्ट्रीय राजधानी से बाहर समारोह
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने एक महत्वपूर्ण नीतिगत पहल के तहत राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह को राष्ट्रीय राजधानी से बाहर देश के अलग-अलग हिस्सों में आयोजित करने का निर्णय लिया है। इसी क्रम में इस वर्ष का समारोह गुजरात के एकता नगर में आयोजित किया जा रहा है।
सरकार के अनुसार, देश के विभिन्न हिस्सों से जुड़ी सिनेमाई प्रतिभाओं को एक मंच पर लाने वाला यह आयोजन ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारतÓ की भावना को मजबूत करेगा।
‘आर्टिकल 370 को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का पुरस्कार
72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में विभिन्न भाषाओं, विधाओं और सिनेमा के अलग-अलग रूपों की विविधता देखने को मिलेगी। ‘आर्टिकल 370Ó को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म के पुरस्कार के लिए चुना गया है।
‘भंगारÓ को सर्वश्रेष्ठ गैर-फीचर फिल्म और ‘राम-नामीÓ को जूरी की ओर से सर्वश्रेष्ठ वृत्तचित्र का पुरस्कार दिया जाएगा।
वहीं, ‘ब्रह्मयुगमÓ के लिए ममूटी और ‘चंदू चैंपियनÓ के लिए कार्तिक आर्यन को सर्वश्रेष्ठ मुख्य अभिनेता का पुरस्कार मिलेगा। ‘आर्टिकल 370Ó में अभिनय के लिए यामी गौतम को सर्वश्रेष्ठ मुख्य अभिनेत्री का सम्मान दिया जाएगा।
अभिनेता रणदीप हुड्डा को ‘स्वतंत्र वीर सावरकरÓ के लिए सर्वश्रेष्ठ नवोदित निर्देशक के पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
कई भाषाओं की फिल्मों को मिला सम्मान
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में मराठी, संथाली, तमिल, मलयालम, तेलुगु, कन्नड़, तुलु और गढ़वाली समेत विभिन्न भारतीय भाषाओं की फिल्मों को सम्मानित किया जाएगा। यह पुरस्कार भारतीय सिनेमा की व्यापक भाषाई और सांस्कृतिक विविधता को दर्शाते हैं।
‘कल्कि 2898 ईस्वीÓ, ‘अमरनÓ, ‘पुष्पा: द रूल पार्ट-02Ó, ‘भूल भुलैया 3Ó और ‘स्त्री 2Ó समेत कई चर्चित फिल्मों को अलग-अलग श्रेणियों में पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।
पहली बार गैर-फीचर वर्ग में संथाली फिल्म सम्मानित
इस वर्ष के राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की एक खास उपलब्धि यह है कि गैर-फीचर फिल्म वर्ग में पहली बार किसी संथाली फिल्म को सम्मानित किया जाएगा। इससे भारतीय सिनेमा में क्षेत्रीय और जनजातीय भाषाओं की बढ़ती उपस्थिति और रचनात्मक विविधता को भी पहचान मिलेगी।
सिनेमा पर लेखन के लिए भी पुरस्कार
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में सिनेमा पर सर्वश्रेष्ठ लेखन की श्रेणी को भी शामिल किया गया है। इस श्रेणी में संजीव श्रीवास्तव को सर्वश्रेष्ठ फिल्म समीक्षक का पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।सिनेमा पर सर्वश्रेष्ठ पुस्तक का पुरस्कार डॉ. प्रदीप केंचनुरु की पुस्तक ‘नानिरुवुदे निमगागी, नादिरुवुदे ननगागी: कन्नड सिनेमाद तात्विक मत्तु राजकीयÓ को दिया जाएगा। यह पुस्तक मिरर बुक्स की ओर से प्रकाशित की गई है। पुस्तक का अंग्रेजी अर्थ कन्नड़ सिनेमा के राजनीतिक और दार्शनिक आयामों से संबंधित है।
भारतीय सिनेमा की विविधता का उत्सव बनेगा समारोह
एकता नगर में आयोजित होने वाला 72वां राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह भारतीय सिनेमा की रचनात्मक, तकनीकी, भाषाई और सांस्कृतिक विविधता को एक मंच पर प्रस्तुत करेगा। राष्ट्रीय राजधानी से बाहर समारोह आयोजित करने की पहल के जरिए देश के विभिन्न क्षेत्रों की फिल्म प्रतिभाओं और भारतीय सिनेमा की व्यापक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक प्रमुखता मिलने की उम्मीद है।
22 सितंबर को राष्ट्रपति द्वारा पुरस्कार प्रदान किए जाने के साथ भारतीय सिनेमा में वर्ष 2024 की उल्लेखनीय उपलब्धियों और प्रतिभाओं को औपचारिक रूप से सम्मानित किया जाएगा।
