बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने जमीन विवाद से जुड़े चर्चित ट्रिपल मर्डर मामले में दोषी पिता-पुत्र को बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने दोनों आरोपियों की उम्रकैद के खिलाफ दायर अपील खारिज करते हुए निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा है। दरअसल, यह मामला महासमुंद जिले के तुमगांव थाना क्षेत्र के ग्राम जोबा का है, जहां जमीन बंटवारे के विवाद में एक ही परिवार पर जानलेवा हमला किया गया था। आरोप है कि, पिता-पुत्र ने घर में घुसकर परिवार पर हमला किया, जिसमें महिला समेत तीन लोगों की हत्या कर दी गई थी, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे।
सुनवाई के दौरान आरोपियों ने तर्क दिया कि, मामले में स्वतंत्र गवाह नहीं हैं और घायल गवाह पीड़ित परिवार से जुड़े होने के कारण उनकी गवाही भरोसेमंद नहीं मानी जानी चाहिए। हालांकि हाईकोर्ट ने इस दलील को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि, घायल गवाह की गवाही हत्या जैसे मामलों में मजबूत साक्ष्य हो सकती है, क्योंकि वह स्वाभाविक रूप से घटनास्थल पर मौजूद होता है। केवल रिश्तेदारी के आधार पर ऐसे बयान को कमजोर नहीं माना जा सकता।
हाईकोर्ट ने माना कि, अभियोजन पक्ष द्वारा पेश साक्ष्य, घायल गवाहों के बयान और घटनाक्रम पर्याप्त रूप से दोष सिद्ध करते हैं। अदालत ने कहा कि आरोपी घर में घुसे, हमला किया और गंभीर अपराध को अंजाम दिया, इसलिए सजा में हस्तक्षेप का कोई आधार नहीं बनता। इस फैसले के साथ दोनों आरोपियों की दोषसिद्धि और उम्रकैद की सजा बरकरार रहेगी। फैसले को गंभीर आपराधिक मामलों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
