धर्मशाला। भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज के पहले मुकाबले में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 7 विकेट से जीत दर्ज की। बारिश से प्रभावित इस मैच में कई उतार-चढ़ाव देखने को मिले, लेकिन अंत में टीम इंडिया ने 13 गेंद शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया और सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। यह मुकाबला पहले से ही खास था क्योंकि बारिश के कारण टॉस में लगभग 3 घंटे 45 मिनट की देरी हुई थी। देरी के बाद मैच को 50 ओवर से घटाकर 25-25 ओवर का कर दिया गया, जिससे हर ओवर बेहद महत्वपूर्ण हो गया।
अफगानिस्तान की पारी: गुरबाज का ऐतिहासिक शतक टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी अफगानिस्तान की शुरुआत बेहद खराब रही। भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआत से ही दबाव बना दिया और पावरप्ले में ही मैच का रुख बदल दिया। Afghanistan national cricket team ने पांच ओवर के पावरप्ले में सिर्फ 27 रन बनाए और तीन महत्वपूर्ण विकेट खो दिए। भारत की ओर से डेब्यू कर रहे गेंदबाज गुरनूर बराड़ ने दूसरे ही ओवर में इब्राहिम जादरान (1) को आउट कर दिया। इसके बाद अर्शदीप सिंह ने तीसरे ओवर में सेदिकुल्लाह अटल (0) और पांचवें ओवर में रहमत शाह (4) को पवेलियन भेज दिया। शुरुआती झटकों के बाद अफगानिस्तान की पारी लड़खड़ा गई थी, लेकिन इसके बाद रहमानुल्लाह गुरबाज ने मोर्चा संभाल लिया। उन्होंने भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ आक्रामक बल्लेबाजी की और शानदार शतक लगाया।
गुरबाज ने 51 गेंदों में 102 रन की पारी खेली, जिसमें 8 चौके और 8 छक्के शामिल रहे। उन्होंने मात्र 48 गेंदों में अपना शतक पूरा किया और अफगानिस्तान के लिए वनडे इतिहास का सबसे तेज शतक भी दर्ज किया।गुरबाज ने कप्तान हशमतुल्लाह शाहिदी के साथ चौथे विकेट के लिए 116 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की, जिससे टीम एक मजबूत स्कोर तक पहुंची। हालांकि भारतीय गेंदबाजों ने बीच के ओवरों में शानदार वापसी की। नीतीश कुमार रेड्डी ने गुरबाज को बोल्ड कर भारत को बड़ी सफलता दिलाई। इसके बाद हर्ष दुबे ने भी लगातार विकेट झटके और अफगानिस्तान की रन गति को रोक दिया।
हर्ष दुबे ने शाहिदी, अजमतुल्लाह उमरजई और अल्लाह गजनफर को आउट कर भारत की पकड़ मजबूत कर दी। वहीं गुरनूर बराड़ ने भी अहम विकेट निकालकर अफगानिस्तान की पारी को समेटने में अहम भूमिका निभाई। अफगानिस्तान की पूरी टीम 24.5 ओवर में 194 रन पर ऑलआउट हो गई। भारत के लिए डेब्यूटेंट्स का प्रदर्शन सबसे बड़ी सकारात्मक बात रही, जिसमें हर्ष दुबे और गुरनूर बराड़ ने तीन-तीन विकेट लिए। अर्शदीप सिंह और नीतीश कुमार रेड्डी ने भी दो-दो विकेट लेकर अफगानिस्तान की बल्लेबाजी को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।
भारत की पारी: मजबूत शुरुआत और कप्तान की शानदार बल्लेबाजी 195 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने आक्रामक शुरुआत की। रोहित शर्मा और शुभमन गिल ने पहले विकेट के लिए 46 रन जोड़े। हालांकि रोहित शर्मा 16 गेंदों में 16 रन बनाकर रनआउट हो गए, जो भारतीय पारी का पहला बड़ा झटका था। यह रनआउट मिसकम्युनिकेशन के कारण हुआ, जिससे अफगानिस्तान को थोड़ी राहत मिली। इसके बाद ईशान किशन ने तेज बल्लेबाजी की और 22 गेंदों में 34 रन बनाए। उन्होंने 3 चौके और 1 छक्का लगाया और टीम की रन गति को बनाए रखा।
शुभमन गिल ने कप्तानी पारी खेलते हुए शानदार प्रदर्शन किया और 84 रन बनाए। उन्होंने लगातार स्ट्राइक रोटेट करते हुए और बड़े शॉट्स लगाकर टीम को लक्ष्य के करीब पहुंचाया। श्रेयस अय्यर 15 गेंदों में 12 रन बनाकर आउट हुए, लेकिन तब तक भारत मजबूत स्थिति में पहुंच चुका था।
भारत ने 22.5 ओवर में 3 विकेट खोकर 195 रन बनाकर मैच अपने नाम कर लिया। टीम ने 13 गेंद शेष रहते जीत दर्ज की, जिससे मैच का रोमांच अपने अंतिम चरण में समाप्त हुआ। मैच का टर्निंग पॉइंट इस मैच का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट अफगानिस्तान की शुरुआती बल्लेबाजी में लगातार विकेट गिरना और भारत की ओर से डेब्यूटेंट गेंदबाजों का शानदार प्रदर्शन रहा।
गुरबाज की शानदार शतकीय पारी ने अफगानिस्तान को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों ने इसे आसानी से हासिल कर लिया। रोहित शर्मा का रनआउट जरूर भारत के लिए एक झटका था, लेकिन शुभमन गिल की कप्तानी पारी ने मैच को पूरी तरह भारत के पक्ष में कर दिया।
