डिजिटल अरेस्ट” का खौफ: रिटायर्ड प्रोफेसर से 1.04 करोड़ की ठगी, टेरर फंडिंग का डर दिखाकर बनाया शिकार

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बिलासपुर। शहर में साइबर ठगों ने “डिजिटल अरेस्ट” के नाम पर एक रिटायर्ड महिला प्रोफेसर को निशाना बनाकर 1.04 करोड़ रुपए की बड़ी ठगी को अंजाम दिया। ठगों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर पीड़िता पर टेरर फंडिंग में शामिल होने का झूठा आरोप लगाया और गिरफ्तारी का डर दिखाकर उन्हें मानसिक रूप से दबाव में ले लिया। जानकारी के मुताबिक, घटना 20 अप्रैल की है, जब पीड़िता को व्हाट्सएप पर एक अज्ञात नंबर से संपर्क किया गया।

इसके बाद वीडियो कॉल के जरिए ठगों ने खुद को “संजय पीएसआई” बताते हुए पूछताछ शुरू की। उन्होंने पीड़िता के बैंक खातों और परिवार से जुड़ी जानकारी हासिल कर उन्हें लगातार डराया-धमकाया। करीब दो घंटे तक चली इस प्रक्रिया में उन्हें यह विश्वास दिलाया गया कि मामला बेहद गंभीर है और गिरफ्तारी से बचने के लिए तुरंत पैसे ट्रांसफर करने होंगे। डर के माहौल में आकर पीड़िता ने पहले आरटीजीएस के जरिए 20 लाख 20 हजार रुपए भेजे, फिर अलग-अलग खातों में किस्तों में कुल 1 करोड़ 4 लाख 80 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए।

ठगों ने इसके बाद 50 लाख रुपए और मांगे, जिससे मामला संदिग्ध लगा। जब पीड़िता ने अपने बेटे से रकम की बात की, तब पूरे घटनाक्रम का खुलासा हुआ। बेटे ने तुरंत बिलासपुर पहुंचकर मामले की शिकायत दर्ज कराई। रेंज साइबर थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।