शहर का कचरा बना उरला रहवासियों का सिरदर्द,बुलावे पर पहुंचे अरुण वोरा — कहा, “जनस्वास्थ्य से समझौता नहीं”

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दुर्ग। शहर के उरला क्षेत्र में नगर निगम की लापरवाही अब लोगों के लिए अभिशाप बनती जा रही है। लगातार पूरे शहर का कचरा डंप किए जाने से पूरा इलाका गंदगी और बदबू की चपेट में है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि यहां रहना तक मुश्किल होता जा रहा है और बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है।

करीब 10,000 की घनी आबादी वाले इस क्षेत्र के नागरिकों की शिकायत पर पूर्व विधायक अरुण वोरा मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। लोगों ने उन्हें बताया कि बार-बार शिकायत के बावजूद निगम प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।वोरा ने कहा कि :” स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण हर नागरिक का अधिकार है।” वोरा ने नगर निगम प्रशासन के समक्ष कई समाधान-केंद्रित सुझाव रखे जैसे कि :

– प्रभावित क्षेत्रों में 24–48 घंटे के भीतर विशेष सफाई अभियान चलाया जाए।
– रिहायशी इलाकों में कचरा डंप करने की व्यवस्था तुरंत बंद की जाए।
– SLRM सेंटर के लिए स्कूल और आबादी से दूर उपयुक्त स्थान चिन्हित किया जाए।
– प्रभावित क्षेत्र में फॉगिंग, एंटी-लार्वा स्प्रे और नियमित सफाई कराई जाए।
– नागरिकों की शिकायतों के लिए त्वरित रिस्पॉन्स सिस्टम बनाया जाए।
– लोगों को कचरा अलग-अलग देने और स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जाए

उन्होंने स्पष्ट किया कि उद्देश्य केवल समस्या उठाना नहीं, बल्कि उसका स्थायी समाधान सुनिश्चित करना है।वोरा ने उम्मीद जताई कि प्रशासन इस विषय को गंभीरता से लेते हुए जल्द ही उचित कचरा प्रबंधन व्यवस्था सुनिश्चित करेगा, ताकि क्षेत्रवासियों को राहत मिल सके। स्थानीय लोगों ने बताया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है, जिससे कचरे के ढेर लगातार बढ़ते जा रहे हैं।वहीं, उरला गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल के पास प्रस्तावित SLRM सेंटर को लेकर भी लोगों में चिंता देखी गई। नागरिकों का मानना है कि स्कूल के पास इस तरह का केंद्र बनने से बच्चों के स्वास्थ्य और वातावरण पर असर पड़ सकता है। इस संबंध में पार्षद सरस नीलमरकर ने भी अपनी चिंता व्यक्त करते हुए प्रशासन से आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध किया है।