आवत हिय हरषै नहीं-डॉ.माणिक विश्वकर्मा
गोस्वामी तुलसीदास का एक प्रसिद्ध दोहा है – आवत हिय हरषै नहीं,नैनन नहीं सनेह। तुलसी वहां न जाइए , कंचन बरसे मेह ।। अर्थात आपके आने से जिस स्थान या…
July 19, 2026
