नाबालिग से दुष्कर्म मामले में सौतेले पिता को 30 साल की सजा, कोर्ट ने लगाया जुर्माना

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कोरबा। नाबालिग से यौन अपराध के मामले में कोरबा की विशेष पॉक्सो अदालत ने आरोपी सौतेले पिता को दोषी ठहराते हुए 30 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर कुल 1,500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया। फैसला 12 अगस्त 2026 को अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी), कोरबा की अदालत में सुनाया गया। मामला मानिकपुर पुलिस सहायता केंद्र, थाना कोतवाली कोरबा में दर्ज अपराध से संबंधित था।


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मामले के अनुसार, नाबालिग अपनी मां और अन्य परिजनों के साथ कोरबा आई थी। घटना के समय उसकी मां काम पर गई हुई थी, जबकि उसकी बहनें स्कूल गई थीं। इसी दौरान घर में मौजूद आरोपी ने नाबालिग के साथ अपराध किया और उसे घटना के बारे में किसी को बताने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। डर के कारण पीड़िता ने तत्काल किसी को जानकारी नहीं दी, लेकिन बाद में अपनी मां को घटना के बारे में बताया। इसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई और आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।


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पुलिस जांच के बाद मामला पॉक्सो अदालत में पहुंचा, जहां अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी माना गया। अदालत ने पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत 30 वर्ष के सश्रम कारावास और 1,000 रुपये अर्थदंड, जबकि बीएनएस की धारा 351(2) के तहत 2 वर्ष के कारावास और 500 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी। अर्थदंड नहीं देने पर अतिरिक्त कारावास का प्रावधान भी रखा गया है। मामले में राज्य की ओर से विशेष लोक अभियोजक सुनील मिश्रा ने पैरवी की।