जिले में सुरक्षा बलों के जवानों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति किया जागरूक

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o राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत सुरक्षा बलों के जवानों के लिए तनाव प्रबंधन एवं आत्महत्या रोकथाम कार्यशाला का आयोजन

सूरजपुर। राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत सुरक्षा बलों के जवानों के मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने तथा तनाव एवं आत्महत्या की रोकथाम के उद्देश्य से सूरजपुर जिले में विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का उद्देश्य जवानों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना, कार्यस्थल पर तनाव का प्रभावी प्रबंधन सिखाना तथा समय रहते परामर्श एवं उपचार लेने के लिए प्रेरित करना था।

कलेक्टर रेना जमील के निर्देश तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. के. डी. पैकरा के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यशाला में जिला चिकित्सालय की मानसिक स्वास्थ्य टीम के क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट सचिन मातुरकर एवं साइकेट्रिक सोशल वर्कर प्रियंका मंडल ने मानसिक तनाव के कारण, लक्षण, उसके शारीरिक एवं मानसिक प्रभावों तथा तनाव प्रबंधन की व्यावहारिक तकनीकों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने सकारात्मक सोच, भावनात्मक संतुलन, प्रभावी संवाद और समस्या-समाधान कौशल को मानसिक स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण बताया।

कार्यक्रम में आत्महत्या के चेतावनी संकेतों, जोखिम कारकों तथा समय पर परामर्श और उपचार के महत्व पर भी विस्तार से चर्चा की गई। कार्यशाला को अधिक प्रभावी बनाने के लिए गहरी श्वास, रिलैक्सेशन एक्सरसाइज, माइंडफुलनेस तथा समूह गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिससे जवानों को ड्यूटी के दौरान तनाव नियंत्रित करने के व्यावहारिक उपाय सीखने का अवसर मिला। अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा बलों के जवानों का मानसिक रूप से स्वस्थ एवं सशक्त होना उनकी कार्यक्षमता, अनुशासन तथा व्यक्तिगत जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों के नियमित आयोजन पर बल दिया।

कार्यक्रम के अंत में जवानों ने मानसिक स्वास्थ्य संबंधी अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया तथा तनावमुक्त एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया। कार्यशाला में 10वीं वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल, सूरजपुर के असिस्टेंट कमांडेंट सुधीर कुजूर,बी. पी. सिंह, कविता ठाकुर, हेड कांस्टेबल अशोक साहू सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।